हिंद महासागर में शांति एवं सुरक्षा कायम करने के लिए मंगलवार भारत और मालदीव ने रणनीतिक परिप्रेक्ष्य पर चर्चा की और मालदीव के विदेश मंत्री मोहम्मद आसिम ने भारतीय पक्ष को अपने यहां के घटनाक्रम से अवगत कराया। अपनी पहली सरकारी यात्रा पर भारत आए आसिम ने अपनी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज से भेंट के दौरान अगले महीने न्यूयार्क में होने वाली राष्ट्रमंडल मंत्रिस्तरीय कार्यबल की अहम बैठक से पहले संयुक्त राष्ट्र एवं राष्ट्रमंडल के विशेष दूत के साथ अपने देश के संवाद से अवगत कराया। दोनों मंत्रियों ने भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को निरंतर मजबूत करने का निश्चय दोहराया तथा आसिम ने इस बात पर बल दिया कि उनकी यात्रा मालदीव की ‘भारत प्रथम’ नीति के तहत है।
आसिम ने इस साल बाद में नई दिल्ली में होने वाले मालदीव इनवेस्टमेंट फोरम की तैयारी से भी स्वराज को अवगत कराया। इस पर स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दृष्टिकोण दोहराया कि भारत उसके सभी पड़ोसियों द्वारा देश की आर्थिक वृद्धि एवं विकास से लाभ उठाने के पक्ष में है। विदेश विभाग के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि मंत्रियों ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में दोनों देशों के रणनीतिक परिप्रेक्ष्य के संदर्भ में विचारों का आदान-प्रदान भी किया।
चर्चा के दौरान मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच हुए उच्च स्तरीय विनिमय का संज्ञान लिया और द्विपक्षीय संबंध के विभिन्न पहलुओं पर प्रगति की समीक्षा की। आसिम ने उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से भी भेंट की।
