हिमाचल में साहसिक खेलों व पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों के उद्यमियों को हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में निवेश करने का न्योता दिया है। मुख्यमंत्री बुधवार को ग्लोबल निवेशक सम्मेलन के लिए आयोजित रोड शो के कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। यह सम्मेलन 7-8 नवंबर को हिमाचल में होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्राकृतिक सौंदर्य, प्राकृतिक संसाधनों व कानून व्यवस्था की दृष्टि से सर्वोत्तम राज्य है। अगर निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए आगे आते हैं तो राज्य सरकार उन्हें पूरा सहयोग व सहायता देगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए केवल एक मात्र क्षेत्र पर फोकस नहीं किया है, बल्कि पयर्टन, साहसिक पर्यटन, कृषि, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, विद्युत उत्पादन समेत अन्य क्षेत्रों में काम किया है। सरकार इन सभी क्षेत्रों में निवेशकों को प्रदेश में आमंत्रित करना चाहती है। हाइडल सेक्टर में निवेश के लिए सरकार ने पॉवर पॉलिसी में भी बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश बिजली खरीदता नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों को बेचता है।
इस बार नवंबर में होने वाले ग्लोबल सम्मेलन तक राज्य को कुल 85 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व सरकार ने जर्मनी, नीदरलैंड व दुबई में भी रोड शो आयोजित किए थे। यहां भी राज्य सरकार को सफलता मिली है।

दुबई के निवेशकों ने राज्य में वैलनेस सेंटर रिजॉर्ट्स, न्यूरोपैथी रिजार्ट्स, फल व खाद्य प्रसंस्करण समेत रियल स्टेट में निवेश करने में रुचि दिखाई है। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि राज्य में राज्य सरकार सभी भागों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय व राज्य उच्च मार्गों का व्यापक नेटवर्क है। सरकार हिमाचल को सबसे बेहतर गंतव्य स्थल बनाने पर काम किया है। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकांत बाल्दी समेत प्रदेश के अन्य सचिव भी उपस्थित थे। इन्होंने प्रदेश में उनके संबंधित क्षेत्र में निवेश की योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर सीआइआइ दिल्ली राज्य के पूर्व अध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी राहुल चौधरी भी उपस्थित थे।