गुजरात सरकार ने भ्रष्टाचार तथा वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगने पर एक सरकारी कंपनी पर ही ताला जड़वाने का फैसला किया है। राज्य में यह पहला मौका है जब भ्रष्टाचार के कारण किसी सरकारी कंपनी को बंद करने का फैसला लिया गया हो। राज्य की विजय रुपाणी सरकार ने गुजरात राज्य भूमि विकास निगम (जीएसएलडीसी) को बंद करने का निर्णय लिया है। राज्य के कृषि मंत्री आर.सी.फाल्दु ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि सरकार किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात राज्य भूमि विकास निगम में अनियमितता की जानकारी सरकार को मिली है। अत: लोगों के हित में हमने इसे बंद करने का निर्णय लिया है।’’
फाल्दु ने कहा कि कंपनी के कर्मचारियों तथा मशीनरी को मूल कार्यों को जारी रखने के लिये अन्य विभागों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। बता दें कि गुजरात राज्य भूमि विकास निगम का गठन 1978 में किया गया था। इसका मूल कार्य किसानों को सिंचाई कार्य के लिये तालाब के निर्माण में तकनीकी व वित्तीय मदद मुहैया कराना था। लेकिन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी घपले-घोटाले में संलिप्त हो गए थे।
