गुजरात के अहमदाबाद में एक 19 वर्षीय युवती का शव एक 26 वर्षीय मुस्लिम महिला के शव से बदल गया। परिवार वालों को जब इस बात का पता चला तो शव को कब्र से खोदकर निकाला गया। घटना अहमदाबाद नगर निगम की तरफ से संचालित वीएस अस्पताल की है। 26 वर्षीय महिला की अस्पताल में डिलिवरी के दौरान मौत हो गई थी।
वहीं 19 वर्षीय दलित युवती की बदमाशों ने बावला में राह चलते दिन दहाड़े हत्या कर दी थी। इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवती की मौत हो चुकी थी। अस्पताल की तरफ से डेड बॉडी मिलने के बाद परिवार ने उसके शव को शुक्रवार सुबह ढोलेरा में दफना दिया।
अस्पताल की तरफ से 19 वर्षीय मित्तल जादव युवती के स्थान पर 26 वर्षीय मुस्लिम महिला का शव मित्तल के परिवार वालों को सौंप दिया गया। अहमदाबाद के मेयर बीजल पटेल और वीएस अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक मनीष पटेल ने इस गलती के लिए क्लास 4 स्टाफ मेंबर को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि पुलिस और महिला के परिवार वालों को भी इस गलती की जिम्मेदारी लेनी होगी। वहीं एसपी अहमदाबाद (ग्रामीण) ने पुलिस की तरफ से किसी भी तरह की चूक से इनकार किया है। मित्तल को वीएस अस्पताल में शाम 7.30 बजे के आसपास लाया गया था। डॉक्टरों की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
वहीं, 26 वर्षीय नसरीन सैयद को शाम 6.30 बजे मृत घोषित किया गया। नसरीन की मौत बच्चे को जन्म देने के दौरान हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद जब नसरीन के परिवारवालों ने शुक्रवार को उसके शव को दफनाने का निर्णय लिया। जब परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे और नसरीन का शव मांगा तो उनसे कहां गया कि उसका शव लापता है।
धरने पर बैठे परिवार वालेः इसके बाद हंगामा मच गया। नसरीन के परिवार वाले अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में पता लगा कि जिस मित्तल का शव उसके परिवार को सौंपा जा चुका है वह बॉडी तो अस्पताल में ही है।
इसके बाद मित्तल के परिवार वालों से संपर्क किया गया। शाम 4 बजे पता लगा कि दोनों शव आपस में बदल गये हैं। इसके बाद नसरीन की बॉडी जिसे मित्तल का शव समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, कब्र से निकाला गया। मेयर बिजल पटेल ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

