गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि 23 अगस्त को उप-चुनावों से पहले कुछ लोग अपने निहित स्वार्थ के लिए उनके स्वास्थ्य के बारे में अफवाहें फैला रहे हैं। पर्रिकर ने यह भी कहा कि हाल ही में वह केवल एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया से गुजरे थे, जिसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है।
पर्रिकर ने शनिवार को कहा, “मैंने 8-10 साल पहले एंजियोप्लास्टी करवाई थी। इसलिए मैं एक नियमित जांच के लिए गया था। चिकित्सक ने मुझे एंजियोग्राफी कराने की सलाह दी। जांच के दौरान चिकित्सकों को थोड़ी रुकावट नजर आई। मैंने उनसे इसका उपचार करने को कहा। मैं अस्पताल से तीन से चार घंटों में वापस आ गया। किसी को भी छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन कुल मिलाकर मेरा स्वास्थ्य बिलकुल ठीक है।”
पूर्व रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में उन्होंने अपना वजन थोड़ा घटाया है। पर्रिकर ने कहा कि उन्होंने सही बॉडी मास इंडेक्स अनुपात हासिल करने के लिए यह किया है।
पर्रिकर ने छात्रों से एक विशेष बातचीत में कहा, “जब मैं दिल्ली गया था तो मेरा वजन लगभग 82 किलो का था, जो लगभग आठ किलो अधिक था। अब मेरा वजन 75 किलो है, जो मेरी लम्बाई के हिसाब से आदर्श है। किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। मैं अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखता हूं।”
उन्होंने कहा, “हम सभी को मोटे बच्चे अच्छे लगते हैं लेकिन वे जरूरी नहीं कि वे स्वस्थ हों। जो बच्चे टमाटर की तरह गोल होते हैं, वे अच्छे दिखते हैं, लेकिन उन्हें चिकित्सीय लिहाज से स्वस्थ्य नहीं माना जाता।”
इससे पहले उन्होंने शुक्रवार को उस दावे को अतिशयोक्ति बताते हुए खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि वर्तमान भारत में नाजी (जर्मनी) जैसा माहौल है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर गोवा या भारत में ऐसा माहौल पैदा होता है तो वह भारतीय जनता पार्टी से किनारा कर लेंगे। गोवा में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल पार्टी गोवा फॉरवर्ड के प्रमुख विजय सरदेसाई ने पणजी में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र फाटोर्डा के कैथलिक समुदाय का एक हिस्सा उस पर विश्वास नहीं करता है जो एक वकील एफ. ए. नोरोन्हा द्वारा ‘रेनोवाकाओ’ नामक पत्रिका के एक लेख में लिखा गया है।
आर्कडिओसेस आफ गोवा एंड दमन की पत्रिका में प्रकाशित इस लेख में गोवा के लोगों से आगामी विधानसभा उप चुनाव में ‘राष्ट्रव्यापी फासीवाद’ के मार्च को रोकने के लिए सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ वोट करने का भी आह्वान किया गया है।
