उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने चौबेपुर के बिकरु गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मास्टरमाइंड विकास दुबे को पकड़ने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं। हालांकि, वह अभी तक पुलिस के चंगुल से आजाद घूम रहा है। इस बीच एसटीएफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टास्क फोर्स ने विकास के करीबी साथी अमर दुबे का कानपुर से 150 किमी दूर हमीरपुर में एनकाउंटर कर दिया। बताया गया है कि एसटीएफ ने उसे घेर कर गिरफ्तार करने की चेतावनी दी थी। यह सुनते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अमर दुबे की मौत हो गई।

यह एनकाउंटर बुधवार तड़के ही हुआ है। बताया गया है कि अमर हमीरपुर में अपने करीबी रिश्तेदार के यहां रुका था। इससे पहले वह फरीदाबाद में छिपा था, जहां एसटीएफ ने छापेमारी शुरू कर दी थी। इसके बाद वह हमीरपुर भाग निकला। पुलिस ने सुरागों का पीछा करते हुए उसके हमीरपुर में होने की बात पता कर ली और बुधवार सुबह ही उसे मार गिराया।

बताया गया है कि अमर दुबे गैंगस्टर विकास दुबे का करीबी साथी था और चौबेपुर के बिकरु गांव में पुलिसवालों की हत्या की साजिश में भी शामिल था। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ ने आज सुबह उसे घेरने के बाद जब सरेंडर करने के लिए कहा तो उसे फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ उसे जिंदा पकड़ना चाहती थी, लेकिन फायरिंग कर भागने की फिराक में लगे अमर को रोकने के लिए जवाबी फायरिंग की गई। इसमें उसकी मौत हो गई।

एसटीएफ के डीआईजी का तबादला हुआः  कानपुर हत्याकांड की जांच कर रहे एसटीएफ के डीआईजी अनंत देव त्रिपाठी को सरकार ने हटाकर पीएसी भेज दिया है। दरअसल, हाल ही में कानपुर एनकाउंटर में शहीद हुए डीएसपी देवेंद्र की एक चिट्ठी सामने आई है, जिसे उन्होंने कानपुर के तत्कालीन एसएसपी अनंत देव को ही लिखा था। इसमें देवेंद्र ने चौबेपुर के एसओ विनय तिवारी पर विकास दुबे को बचाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

डीएसपी देवेंद्र के भाई ने कमलकांत ने भी अनंत देव पर आरोप लगाया था कि इस चिट्ठी के बावजूद विनय तिवारी पर कार्रवाई नहीं की गई। अब त्रिपाठी की जगह पीएसी आगरा के सुधीर कुमार सिंह को एसटीएफ एसएसपी बनाया गया। मामले की जांच यही करेंगे। इसके अलावा पूरे चौबेपुर थाने के 55 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।