लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के राजनिवास पर जारी धरने की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके साथी वहां से जिस किस्म की तस्वीरें जारी कर रहे हैं, उन्हें देखकर शर्म आती है। दीक्षित ने दो टूक कहा कि यह सही है कि उनकी अगुआई वाली सरकार ने भी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की थी, लेकिन 15 साल तक सरकार चलाने के दौरान उन्हें महसूस हो गया था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देना मुमकिन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल को संविधान को ठीक से पढ़ना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के साथ कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दीक्षित ने कहा कि अगर आपको किसी अधिकारी से कोई परेशानी है तो आप केंद्र सरकार के पास जाइए और बताइए कि आपको उनसे क्या परेशानी है। यह कोई तरीका नहीं है कि आप खुद उनसे दो-दो हाथ करने में जुट जाइए। यह बेहद जरूरी है कि मुख्यमंत्री और उसके मंत्रिमंडल के साथ मुख्य सचिव और अन्य तमाम अधिकारियों के बेहतर रिश्ते हों। एक सवाल के जवाब में दीक्षित ने कहा कि यह कहने का कोई तुक नहीं है कि अगर आज मैं मुख्यमंत्री होती तो मौजूदा केंद्र सरकार के साथ किस तरह काम करती। दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को चुना है, सरकार उनको चलानी है।
शीला दीक्षित ने याद दिलाया कि जब 1998 में उनकी अगुआई में दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनी तो उन्होंने भाजपा शासन से चले आ रहे मुख्य सचिव के तबादले की कोई मांग नहीं की। उनके साथ लगातार काम किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता जानती है कि यह धरना क्यों दिया जा रहा है और इसकी असली वजह क्या है। उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल को आगाह किया कि अगर आप यह सोचते हैं कि इसतरह की हरकतों से आप दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बना देंगे तो आप गलत सोच रहे हो, जनता सबकुछ देख-समझ रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष माकन ने कहा कि जिस दिन मुख्य सचिव की पिटाई की गई उसी दिन तय कर लिया गया कि यह पूरा नाटक कैसे चलाया जाना है। अब जो कछ हो रहा है, वह उसी नाटक का आखिरी हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्री राजनिवास में एयरकंडीशन कमरे में सोफे पर धरना दे रहे हैं तो दूसरी ओर एयरकंडीशन मुख्यमंत्री कार्यालय में गद्दे लगवाकर भाजपा के नेता भी धरना दे रहे हैं और इनके बीच दिल्ली की जनता पिस रही है। इस मौके पर उन्होंने एक बार फिर आम आदमी पार्टी के साथ किसी भी तरह के गठबंधन की बात को सिरे से खारिज कर दिया।
भाजपा की भाषा बोल रही कांग्रेस : आप
आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह भाजपा की भाषा बोल रही है। पार्टी ने पर्ू्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के केजरीवाल की हड़ताल को गैरजरूरी बताने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने झूठ को छुपाने के लिए पूर्ण राज्य की मांग पूरी न होने में संवैधानिक मजबूरी बता रही है। दीक्षित के आरोपों को गलत बताते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि अरुणाचल, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, पुद्दुचेरी और कर्नाटक हर मामले में ‘आप’ लोकतंत्र के पक्ष में खड़ी हुई, लेकिन कांग्रेस आज भाजपा की भाषा बोल रही है।’ अधिकारियों के हड़ताल पर होने की बात को कांग्रेस नेताओं की ओर से गलत बताने पर सिंह ने कहा कि क्या अजय माकन को यह पता नहीं कि प्रदूषण को रोकने के लिए मंत्री द्वारा बुलाई गई तैयारी बैठक का आइएएस अधिकारियों ने बार-बार बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का तीन महीने से लगातार मंत्रियों की ओर से बुलाई जा रही बैठकों का बहिष्कार करना अगर हड़ताल नहीं है तो इसे और क्या कहेंगे?
