चर्चित चारा घोटाले के एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद रांची की एक जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद कायकर्ताओं के संपर्क में हैं। इसके लिए लालू ने एक अनोखा तरीका निकालते हुए ट्विटर का सहारा लिया है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू ने कार्यकर्ताओं को संगठित और सचेत करते हुए सोमवार को ट्वीट कर लिखा, “प्रिय साथियों, कारागार (जेल) प्रवास के दौरान मेरे ट्विटर हैंडल का संचालन मेरा कार्यालय और परिवार के सदस्य करेंगे। समय-समय पर मुलाकातियों के मार्फत कार्यालय को संदेश पहुंचेगा, जो आपके पास ट्विटर या अन्य विधा से पहुंच जाएगा। संगठित रहिए, सचेत रहिए।

वैसे, लालू इस नायाब तरीके से कार्यकर्ताओं और लोगों के साथ कितने संपर्क में रह पाएंगे, यह देखने वाली बात होगी। उल्लेखनीय है कि पिछले कई महीनों से लालू ट्विटर पर खासे सक्रिय रहे हैं और ट्वीट के जरिए ही विपक्षियों पर निशाना साधते रहे हैं। दीगर बात है कि शुरू में वे सोशल मीडिया की आलोचना करते थे। गौरतलब है कि चारा घोटाले के एक मामले में लालू प्रसाद अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए हैं। इस मामले में अदालत तीन जनवरी को सजा सुनाएगी।

बता दें कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने शनिवार को चारा घोटाला मामले में पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद को दोषी ठहराए जाने पर इसे ‘गंदी राजनीति’ और केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) को अप्रत्यक्ष रूप से ‘पिंजरे का तोता’ कहा। राजद नेता मनोज झा ने पत्रकारों से कहा, “‘पिंजरे के तोते’ का इस्तेमाल उन राजनीतिक विरोधियों के लिए किया जा रहा है, जो भारतीय जनता पार्टी(भाजपा)के समक्ष नहीं झुकते।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद भी, पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के खिलाफ लड़ाई कमजोर नहीं होगी। भाजपा पर निशाना साधते हुए झा ने कहा, 11 अशोक रोड (दिल्ली में भाजपा मुख्यालय) वाशिंग मशीन है जो भी उनके सामने सर झुकाता है उसकी सारी गंदगी धुल जाती है।
झा ने कहा, “सीबीआई की निचली अदालत द्वारा फैसले को संभवत: उच्च न्यायालय में बदला जा सकता है। हमने ऐसा कई मामलों में देखा है। लेकिन हमारी चिंता इसके पीछे की राजनीति पर है, यह ऐसी राजनीति है जो आपका राजनीतिक रूप से विरोध नहीं कर सकता है, उसे इस तरह से वश में करने की कोशिश की जाती है।