उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक किसान द्वारा कर्ज न चुकाने जाने के कारण किडनी बेचने का मामला सामने आया है। वहीं इस मामले में सहारनपुर के जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बैंक अधिकारियों को बुलाकर इस किसान को नियमों के तहत रिण मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले किसान ने कर्ज के बोझ में दबे होने का हवाला देते हुए शहर के कुछ जगहों पर पोस्टर लगाकर अपनी किडनी बेचने की घोषणा की थी। उसकी यह घोषणा के बाद ही यह कदम उठाया गया है।
क्या है पूरा मामलाः यह मामला जिले के सरसावा थाना क्षेत्र के सतरसाली गांव का है। रामकुमार ने बताया था कि उसने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण लिया था। उसका कहना हैस कि प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र होने के बावजूद भी उसे किसी सरकारी बैंक से रिण नहीं मिला। बता दें कि इससे परेशान और तंग आकर उसने किडनी बेचने का फैसला किया और शहर में पोस्टर लगवाए।
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जिलाधिकारी के दखल के बाद कर्ज मिलने पर मंजुरी हुईः रामकुमार ने ‘भाषा’ को बताया कि सहारनपुर के जिलाधिकारी पांडेय ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया और वहां मौजूद बैंक अधिकारियों से चर्चा के बाद जल्द से जल्द उसे नियमों के तहत रिण का वितरण किए जाने के निर्देश दिए। बता दें कि राजकुमार ने कुछ दिन पहले शहर के कुछ जगहों में पोस्टर लगाकर और सोशल मीडिया पर जारी संदेश के माध्यम से अपनी किडनी बेचने की घोषणा की थी।

