फेसबुक ने दुनिया भर में होने वाले चुनावों में अपने मंच के दुरुपयोग को रोकने के लिए कमर कस ली है। 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मतदाताओं को फेसबुक के जरिए प्रभावित करने के प्रयासों के बाद इस सोशल साइट ने चुनाव वार रूम बनाया है जो अगले हफ्ते से अमेरिका के फेसबुक मुख्यालय में काम करना शुरू कर देगा। इस वार रूम की अगुआई भारतीय मूल के समिध चक्रवर्ती कर रहे हैं जो पिछले कुछ महीनों से इसे शक्ल देने में जुटे रहे हैं। चक्रवर्ती चार साल पहले गूगल छोड़कर फेसबुक में आए थे। वार रूम को शुरुआती तौर पर अमेरिकी कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों और ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव से पहले दुष्प्रचार वाली खबरों, विज्ञापनों और पोस्टों से निपटना होगा।
उल्लेखनीय है कि अगले साल कई देशों में चुनाव हैं जिनमें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में मई में आम चुनाव होने हैं। अमेरिका और अन्य लोकतांत्रिक देशों की तरह भारत में भी पिछले चुनाव में फेसबुक के मंच के दुरुपयोग की खबर आई थी और हाल में सीबीआइ ने फेसबुक, कैंब्रिज एनालिटिका और ग्लोबल साइंस रिसर्च को भारतीय फेसबुक उपयोगकर्ताओं के निजी डाटा में सेंधमारी करके उनका दुरुपयोग करने के मामले में पत्र भी लिखा है।
कैंब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने अमेरिका के 8.7 करोड़ यूजर के निजी डाटा का विश्लेषण कर डोनाल्ड ट्रंप को 2016 का राष्ट्रपति चुनाव जीतने में मदद की थी। इन आरोपों के बाद फेसबुक के प्रमुख मार्क जकरबर्ग ने एलान किया था कि वे सुरक्षित लोकतंत्र के लिए अपनी सोशल साइट का दुरुपयोग रोकने के लिए बड़ा कदम उठाएंगे। उसके बाद वार रूम बनाने का काम शुरू हुआ और यह वैसा ही होगा जैसे कि दलों के चुनाव वार रूम होते हैं।
चुनाव वार रूम फेसबुक मुख्यालय परिसर मेनलो पार्क, कैलिफ की इमारत 20 और 21 के बीच बन रहा है। इसके लिए 25 गुणा 35 फुट का कांफ्रेंस कक्ष का निर्माण हो रहा है। इसमें 16 डेस्क पर कंप्यूटर होंगे जबकि दीवारों पर छह टेलीविजन टंगे रहेंगे। इन टेलीविजन पर सीएनएन, एमएसएनबीसी, फॉक्स न्यूज और अन्य बड़े नेटवर्क समाचार चैनलोें का लगातार प्रसारण दिखाई देगा। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार अभी यह पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है पर शुरुआती तौर पर 300 लोगों की टीम दिन-रात इसे अंतिम रूप में देने में जुटी हुई है। तैयार होने के बाद 20 लोगों की टीम वार रूम में जुटेगी जिसका काम अमेरिका, ब्राजील, भारत और अन्य देशों में होने वाले आगामी चुनावों के वक्त असत्य समाचार, दुष्प्रचार और फर्जी खाताधारियों का समूल नाश करना होगा।
