पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के एक गांव के सभी परिवार करोड़पति हो गए हैं। जी हां! बोमजा गांव चीन और भूटान की सीमा से लगते तवांग जिले में स्थित है। भारतीय सेना ने यहां बेस विकसित करने के लिए गांव की 200 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। रक्षा मंत्रालय ने इसके एवज में ग्रामीणों के लिए 40.80 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का मुआवजा जारी किया। दिलचस्प है कि इस गांव में महज 31 परिवार ही रहते हैं, ऐसे में हर परिवार को एक करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा मिला। एक परिवार को तो सबसे ज्यादा 6.73 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ग्रामीणों को मुआवजा वितरित किया। इसके साथ ही बोमजा एशिया के सबसे धनी गांवों की सूची में शामिल हो गया है। वैसे गुजरात के कच्छ जिले के माढ़ापुर गांव को भारत का सबसे धनी गांव माना जाता है। सीमाई इलाकों में चीन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए भारत ने भी क्षेत्र में विकास की परियोजनाएं शुरू कर दी हैं।
Bomja village under Tawang district is having only 31 households. Now it must be one of the richest village in India. Thanks to #DefenceMinister Madam @nsitharaman Ji @PMOIndia @MDoNER_India https://t.co/7Wut81E1Mi
— Pema Khandu (@PemaKhanduBJP) February 8, 2018
बोमजा गांव 31 परिवारों में 29 को 1.09 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। एक परिवार को 2.45 करोड़ रुपया प्रदान किया गया, जबकि एक परिवार को सबसे ज्यादा 6.73 कारोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सीएम पेमा खांडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अरुणाचल प्रदेश सही दिशा की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की मदद से प्रदेश में विकास की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। खासकर रेल, एयर और सड़क मार्ग विकसित करने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल क्षेत्र में राज्य प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के बदले इस तरह के और मुआवजे वितरित किए जाएंगे।

