त्योहारों के मौसम और ठंड के आगमन से ठीक पहले दिल्ली की हवा ने लोगों को सांस लेने में तकलीफ देनी शुरू कर दी है। केंद्रीय संस्थान ‘सफर’ (वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान व अनुसंधान प्रणाली) के मुताबिक हवा के प्रवाह की दिशा में बदलाव की वजह से सोमवार को दिल्ली में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है।
उधर दिल्ली सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर पड़ोसी राज्यों में पराली जलाया जाना बंद नहीं किया गया तो सरकार कड़े कदम उठाने और अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए विवश होगी।

‘सफर’ (वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान व अनुसंधान प्रणाली) के आंकड़ों के मुताबिक रविवार को हवा की गुणवत्ता सूचकांक पर 181 के साथ सुधर कर मध्यम स्तर पर था, लेकिन सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) में यह आंकड़ा फिसलकर 235 पर पहुंच गया और हवा का स्तर खराब रहा। अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि हवा फिलहाल पंजाब और हरियाणा के पराली जलाए जाने वाले इलाकों से हो कर आ रही है। एक्यूआइ अगर 0-50 के बीच हो तो इसे अच्छा माना जाता है, 51-100 के बीच एक्यूआइ संतोषजनक, 101-200 के बीच एक्यूआइ को मध्यम, 201-300 के बीच खराब, 301-400 के बीच को बेहद खराब माना जाता है, जबकि 401-500 के बीच हवा की एक्यूआइ को गंभीर माना जाता है।

उधर, दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने एक बयान जारी कर कहा है, ‘उत्तरी राज्यों में पराली जलाने की खबरें आने लगी हैं जिसका आने वाले दिनों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर खराब असर पड़ेगा। यदि इन राज्य सरकारों ने अपनी ओर से उचित कदम नहीं उठाए तो दिल्ली सरकार के पास अदालत जाकर मामले में हस्तक्षेप की अपील करने और केंद्र व राज्यों द्वारा समयबद्ध कार्रवाई के लिए दिशानिर्देश लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा’। इमरान हुसैन ने यह भी कहा कि ऐसी रिपोर्ट हैं कि पड़ोसी राज्यों के किसानों को पराली जलाने के लिए दंड देना ज्यादा आसान और सस्ता लग रहा है। उन्होंने मीडिया के हवाले से नासा की तस्वीरों का भी जिक्र किया जिससे पराली के जलाए जाने की पुष्टि होती है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पिछले सात-आठ महीनों के दौरान दिल्ली सरकार केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय और पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के पर्यावरण मंत्रियों को पराली की समस्या का समयबद्ध समाधान निकालने के लिए बार-बार लिख चुका है। लेकिन, इसके बावजूद पराली जलाया जाना जारी है। पर्यावरण मंत्री ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में त्योहारों और ठंड के बढ़ने के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता फिर से बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने, हवा के बहाव की गति में कमी और अन्य कारणों से हवा की गुणवत्ता में क्रमिक गिरावट शुरू हो चुका है।