सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र से कहा कि वह विमुद्रीकरण के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को हो रही परेशानी और असुविधा कम करने के लिए किए गए उपायों का विवरण दे। प्रधान न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड के पीठ ने नोटबंदी के विभिन्न पहलुओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सरकार से इसकी जानकारी मांगी। पीठ ने कहा कि सभी पक्षों को मिल-बैठकर उन मामलों को श्रेणीबद्ध करके एक सूची तैयार करनी चाहिए जिन्हें हाईकोर्ट को भेजा जा सकता है और जिन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि सरकार सहकारी बैंकों में स्थिति से अवगत है। जहां अनुसूचित बैंकों की तुलना में उचित आधारभूत ढांचे और तंत्र की कमी है। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से दायर अतिरिक्त हलफनामे का पूरा चैप्टर सहकारी बैंकों के मुद्दे को समर्पित है। ऐसा नहीं है कि हम स्थिति से अवगत नहीं हैं लेकिन इनमें (सहकारी बैंकों में) अनुसूचित बैंकों की तुलना में उचित सुविधाओं, तंत्र और उचित आधारभूत ढांचे की कमी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जान-बूझकर सहकारी बैंकों को इस अभियान से बाहर रखा है क्योंकि इनके पास नकली मुद्रा की पहचान करने की विशेषज्ञता नहीं है। रोहतगी ने कहा- नोटबंदी के बाद विभिन्न पहलुओं को लेकर हर गुजरने वाले दिन कई मामले विभिन्न उच्च न्यायालयों में दायर होते हैं। केरल, कोलकाता, जयपुर और मुंबई में मामलों से एक साथ निपटना संभव नही हैं। इन सभी मामलों को साथ जोड़कर उन्हें किसी एक हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के पास भेजा जाना चाहिए। सहकारी बैंकों के लिए पेश होने वाले वरिष्ठ वकील पी चिदंबरम ने सरकार के निर्णय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों को शामिल नहीं करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था लगभग पंगु हो गई है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने एक याचिकाकर्ता के पक्ष में दलील दी कि वे एक साथ बैठक करेंगे और श्रेणियों की सूची सोमवार तक दायर करेंगे। पीठ ने इसके बाद मामले की अगली सुनवाई पांच दिसंबर तय कर दी।
अदालत 1000 और 500 रुपए के पुराने नोट चलन से बाहर करने के निर्णय की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए व इससे आम लोगों को होने वाली परेशानियों को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने अटॉर्नी जनरल से कहा था कि वे नोटबंदी के चलते उत्पन्न होने वाली स्थिति को आसान करने के लिए शुरू योजनाओं और उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए एक अतिरिक्त हलफनामा दायर करें। केंद्र हाल में यह मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित सभी याचिकाओं को या तो सुप्रीम कोर्ट या किसी एक हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दिया जाए।
केंद्र की ओर से दायर अतिरिक्त हलफनामे में आठ नवंबर को नोटबंदी अधिसूचना के बाद स्थिति को सामान्य करने के लिए उठाए गए कदमों को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि नए नोटों के अनुरूप परिवर्तित किए गए एटीएम की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है। साथ ही सरकार किसानों को दिए जाने वाले अनुदान की निगरानी कर रही है। उसने अदालत को बताया था कि सरकार अभियान के दौरान दी गई विभिन्न छूटों की भी निगरानी कर रही है। शुक्रवार आधी रात से पेट्रोल पंप पर 500 रुपए के पुराने नोट नहीं लिए जाएंगे क्योंकि डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में तेजी आ रही है।
