दिल्ली सरकार भले ही अनधिकृत कालोनियों में विकास कार्यों को लेकर बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालने वाली प्रमुख क्रियान्वयन एजंसियां सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (आइएंडएफसी) और दिल्ली राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (डीएसआइआइडीसी) काम की प्रगति को लेकर गंभीर नहीं दिख रही हैं।

स्थिति यह है कि दोनों एजंसियों ने अब तक शहरी विकास मंत्रालय को कोई प्रगति रपट तक नहीं सौंपी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दोनों विभागों को कुल 886.35 करोड़ रुए का आबंटन किया गया है, इसके बावजूद कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी बताई जा रही है। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने दोनों विभागों को 15 दिनों के भीतर कामकाज की विस्तृत रपट शहरी विकास विभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं।

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मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक अहम बैठक में अनधिकृत कालोनियों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बतया गया कि कार्य बेहद धीमी गति से चल रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने संबंधित एजंसियों को कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में सिंचाई विभाग को 433.62 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं, जबकि डीएसआइआइडीसी को पूर्व में आबंटित लेकिन खर्च न हो सकी राशि को दोबारा अनधिकृत कालोनियों में विकास कार्यों पर खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभागों के ढुलमुल और लचर रवैये को लेकर शहरी विकास मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अनधिकृत कालोनियों में काम करने वाली क्रियान्वयन एजंसियां अब विधानसभा के हिसाब से समाधान विवरण जमा करेंगी। इसमें हर काम की जमीनी स्तर पर प्रगति से लेकर बचे हुए कार्यों को फीसद में बताया जाएगा। इसके बाद शहरी विकास विभाग इसकी बारीकी से जांच करेगा और मंत्रालय को इस संबंध में सुझाव दिए जाएंगे।

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सरकारी विभागों से पिछले 10 वर्ष के अधूरे विकास कार्यों का विवरण भी डिजिटल डाक सूचकांक संख्या (डीजी पिन) के साथ मांगा गया है। यह विस्तृत ब्यौरा पंद्रह दिनों के भीतर शहरी विकास विभाग को सौंपा जाएगा।

मंत्री ने सात दिनों के भीतर सभी कार्यों की मौजूदा स्थिति यानी प्रशासनिक स्वीकृति और परियोजना लागत व काम शुरू करने की तारीख समेत अन्य विवरण मांगा है। साथ ही यह भी निर्देश दिए हैं कि कौन सा काम चालू वित्तीय वर्ष में पूरा होगा और कौन सा पूरा होने की संभावना है, इसकी अनुमान तारीख भी रपट में शामिल करनी होगी।

गठित होगी अंतर विभागीय समिति

अनधिकृत कालोनियों से जुड़े कार्यों में किसी तरह की आ रही आंतरिक समस्या के समाधान के लिए शहरी विकास सचिव की अध्यक्षता में एक अंतर-विभागीय समिति गठित की जाएगी। समिति काम और प्रगति पर असर डालने वाले अलग अलग तरह के मामलों को हल करने के लिए दो हफ्ते में बैठक करेगी। मंत्री ने विभागों को यह सख्त हिदायत दी है कि वो चालू वित्तीय वर्ष के लिए आबंटित राशि को पूरा खर्च करने पर ध्यान दें।