दिल्ली के पंजाबी बाग स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत एक महिला डॉक्टर की मौत रविवार सुबह हॉस्पिटल कैंपस में ही होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, डॉक्टर के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी को जहरीली दवा पिलाकर मारा गया है। उनका कहना है कि महिला के शव के पास एक दवा की बोतल मिली है, जो अस्पताल में मौजूद नहीं होती। साथ ही, यह दवा काफी जहरीली होती है।
परिजनों ने किया यह दावा : आस्था के ससुर ने आरोप लगाया कि उनकी बहू अस्पताल प्रशासन के व्यवहार से खुश नहीं थी। इसकी जानकारी उन्होंने अपने परिजनों को भी दी थी। परिजनों का दावा है कि उन्हें आस्था की मौत की जानकारी रविवार सुबह 6:50 बजे दी गई, जबकि उनकी मौत 4:50 बजे हो गई थी।
कमरे में मिली डेडबॉडी : परिजनों का कहना है कि आस्था की डेडबॉडी एक कमरे में मिली, जिसमें बाहर से ताला लगा हुआ था। इस दरवाजे को बाहर से तोड़कर डेडबॉडी को निकाला गया। परिजनों का कहना था कि इस कमरे में जाने के लिए एक और दरवाजा है, जिसकी चाबी अस्पताल प्रशासन के पास थी। इसके बावजूद ताला क्यों तोड़ा गया?
अस्पताल में कहां से आई वह दवाई? : परिजनों के अनुसार, आस्था के शव के पास एक दवा की बोतल मिली है, जो अस्पताल में मौजूद नहीं होती। बताया जा रहा है कि इस दवा के असर से कोई भी व्यक्ति 15 सेकंड में बेहोश हो सकता है। परिजनों का सवाल था कि आखिरकार अस्पताल में यह दवा कैसे पहुंची?
एक दिन पहले पिता से की थी बात : महिला डॉक्टर के परिजनों का आरोप है कि आस्था की हत्या हुई है। वहीं, डॉक्टर के पिता ने बताया कि शनिवार रात उनकी और आस्था के पति उदित मुंजाल से वीडियो कॉल पर उसकी बात हुई। उस समय आस्था बिल्कुल ठीक थी, लेकिन सुबह उसकी मौत की खबर सुनकर वह हैरान रह गए।
पुलिस कर रही मामले की जांचः अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, आस्था शनिवार रात 12 बजकर 15 मिनट तक अस्पताल में काम करती हुई दिखीं। थोड़ी देर बाद वह अस्पताल के रेस्ट रूम में चली गईं। सुबह करीब 4 बजे जब उनके रूम का दरवाजा खटखटाया गया तो उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। ऐसे में गार्ड की मदद से दरवाजे को तोड़ा गया। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।

