दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को तीन लोगों को नई दिल्ली स्थित निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर 27 लाख रुपये मूल्य के 2000 के नए नोटों के साथ पकड़ा। पुलिस ने तीनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गया एक व्यक्ति दवा बनाने वाली एक कंपनी में साझीदार है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार ये तीनों व्यक्ति मुंबई में हवाला के माध्यम से पैसा बदलकर दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए अजित पाल सिंह और राजेंद्र सिंह दिल्ली के पीतमपुरा के रहने वाले हैं। उनके साथ उनका ड्राइवर राजू भी हिरासत में लिया गया है। क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट सेल (आईएससी) को हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के फोन कॉल से मामले का सुराग मिला था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “एक व्यक्ति फोन पर हवाला चैनल से 30 प्रतिशत कमीशन पर पुराने नोट बदलने की बात कर रहा था। नोटबंदी की घोषणा के बाद हमने इस काल को इंटरसेप्ट किया था।” दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर रविंद्र यादव ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “जब वो रेलवे स्टेशन के बाहर अपनी कार में बैठ रहे थे तभी उन्हें धर दबोचा गया।” पुलिस सूत्रों के अनुसार ये मामला कालेधन को सफेद करना का है और इसमें बैंक कर्मचारियों की मिली भगत हो सकती है।

हिरासत में लिए गए लोगों से क्राइम ब्रांच और आयकर विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उन लोगों ने कहा कि वो पीतमपुरा के किसी व्यक्ति के लिए काम करते हैं जो हिमाचल प्रदेश में स्थित दो दवा फैक्ट्रियों का मालिक है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों ने पुलिस को बताया कि वो कमीशन लेकर अब तक डेढ़ करोड़ रुपये नए नोटों में बदल चुके हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्य अभियुक्त 2000 के नए नोटों के रूप में 46 लाख रुपये लेकर फरार हो गया।