दिल्ली में उपराज्यपाल स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले सकते हैं, बीते बुधवार (4 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट से यह फैसला आने के बाद से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक्शन में हैं और रुके हुए तमाम कार्य निपटा रहे हैं। सीएम केजरीवाल ने शनिवार (7 जुलाई) किरारी विधानसभा क्षेत्र में दौरा किया जहां अधिकारियों की काम को लेकर उदासीनता को देख उन्हें निलंबित करने तक की चेतावनी दे डाली। केजरीवाल की कार्यशैली को देख सोशल मीडिया पर उनकी तुलना ‘नायक’ फिल्म के अनिल कपूर से भी की जानी लगी। सीएम केजरीवाल ने भी वह वीडियो रीट्वीट किया है जिसमें वह अधिकारियों को सस्पेंड करने की चेतावनी देते हुए दिखाई दे रहे हैं। केजरीवाल अनधिकृत कॉलोनी का जायजा लेते हुए स्थानीय लोगों से मिले और उनकी समस्याएं सुनी। सीएम ने लोगों को सभी आधारभूत सुविधाएं जल्द से जल्द मुहैया कराने का आश्वासन दिया। सीएम केजरीवाल ने मीडिया को बताया कि राजधानी में विकास कार्यो में तेजी लाई जाएगी और वह यह भी सुनिश्चित करेंगे कि एक पखवाड़े के अंदर अनाधिकृत कॉलोनियों में सड़कों और नालियों के लिए धन जारी किया जाए।

किरारी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यो की समीक्षा करने के बाद सीएम केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, “अनाधिकृत कॉलोनियों में लोगों का जीवन नरक के समान है। इन कॉलोनियों में रहने वालों का सम्मान के साथ जीना सुनिश्चित करने के लिए पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अगले 10-15 दिनों के अंदर अनाधिकृत कॉलोनियों में सड़कों और नालों को लिए फंड जारी किया जाएगा। काम युद्ध स्तर पर होगा और प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाएगी।”

पानी को लेकर केजरीवाल ने कहा, “जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए काम किए जा रहे हैं और वह जल्द ही सीवर पर भी काम करेंगे। हालांकि इस मौके पर केजरीवाल यह बताने से नहीं चूके कि अनधिकृत कॉलोनियों का विकास कार्य चुनी हुई सरकार का शीर्ष एजेंडा है, लेकिन उपराज्यपाल के हस्तक्षेप की वजह से इसमें देरी हो रही थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब परियोजनाओं में तेजी आएगी। किरारी दौरे की अरविंद केजरीवाल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखे जा रहे हैं।