दिल्ली में सार्वजनिक बसों की यात्रा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। वर्ष 2019 में शुरू की गई ‘गुलाबी टिकट’ योजना अब समाप्त होने जा रही है। नए वर्ष में इसकी जगह ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ लागू किया जाएगा। इसके साथ ही राजधानी में बसों का सफर अधिक सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, जनवरी के अंत तक सरकार इस नई व्यवस्था की पूरी रूपरेखा सार्वजनिक कर सकती है। जिलाधिकारी कार्यालयों, उपजिलाधिकारी कार्यालयों, सभी बस डिपो तथा दो बैंकों या संस्थानों की अधिकृत शाखाओं में यात्रा कार्ड निर्माण केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर तीनों प्रकार के यात्रा पत्र बनाए जाएंगे। ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ निशुल्क होगा, जबकि अन्य दो यात्रा पत्रों के लिए कुछ शुल्क निर्धारित किए जाने पर विचार चल रहा है।

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पिछले छह वर्षों से लागू ‘गुलाबी टिकट’ की जगह लेने वाला ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ केवल दिल्ली की निवासी लड़कियों और महिलाओं को ही निशुल्क यात्रा की सुविधा देगा। इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं।

यह सुविधा अब सभी महिलाओं के लिए नहीं होगी। केवल वही लड़कियां और महिलाएं पात्र होंगी, जिनकी आयु 12 वर्ष या उससे अधिक है और जिनके पास दिल्ली पते वाला आधार पहचान पत्र है। परिवहन मंत्री पंकज सिंह के अनुसार, गुलाबी टिकट के स्थान पर नई व्यवस्था लाने का उद्देश्य टिकटों की गिनती में होने वाली कथित अनियमितताओं को रोकना और सरकारी धन का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है।

दो अन्य यात्रा कार्ड भी होंगे लागू

पहला होगा ‘सामान्य स्मार्ट कार्ड’, जो वर्तमान में चल रहे परिवहन निगम के यात्री पास की जगह लेगा। इसका शुल्क लगभग 120 रुपये निर्धारित किया जा सकता है। यात्री इसमें अग्रिम राशि जमा कराकर इसका उपयोग मौजूदा यात्री पास की तरह कर सकेंगे। दूसरा होगा ‘स्पेशल स्मार्ट कार्ड’, जो सरकार द्वारा रियायती दरों पर यात्रा सुविधा पाने वाले 12 विशेष वर्गों को जारी किया जाएगा। इनमें वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित विभूतियां, खेल पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ी, शहीदों की विधवाएं आदि शामिल हैं।

दिल्ली परिवहन निगम पहले से ही इन वर्गों को रियायती यात्रा सुविधा प्रदान करता रहा है। यात्रा पत्र धारकों की वैधता का सत्यापन बस परिचालक की मशीन के माध्यम से किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इन तीनों कार्डों को ऑनलाइन बनवाने का विकल्प भी जनता को दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित वेबसाइट के माध्यम से आधार और फोटो अपलोड करना होगा। मकर संक्रांति के बाद जनवरी में कभी भी इसकी औपचारिक घोषणा की जा सकती है।