दिल्ली सरकार ने रोहिणी, सेक्टर-1 स्थित मानसिक रूप से दिव्यांग और विक्षिप्त लोगों के लिए बनाए गए आशा किरण आश्रय गृह के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और इसके कायाकल्प के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है। समाज कल्याण विभाग ने इस योजना को 2,66,25,744 रुपए की लागत से मंजूरी दी है। योजना में अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक कार्यों के लक्ष्य तय किए गए हैं, जिन्हें क्रमश: एक माह से लेकर 12 महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। सभी कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से किए जाएंगे।

आश्रय गृह के बुनियादी ढांचे में सुधार के तहत अगले एक माह में 53,98,044 रुपए की लागत से पांच महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जाएंगे। इनमें 60 किग्रा क्षमता वाली दो पूरी तरह से स्वचालित लांड्री वाशिंग मशीन, दो ड्राइंग टम्बलर (गर्म/ठंडा) महिला और पुरुष दोनों विंग में उपलब्ध कराना, एल्युमिनियम/कापर केबलिंग, गैल्वनाइज्ड आयरन पाइप और अर्थ वायर के माध्यम से सुरक्षा एवं अर्थिंग की व्यवस्था शामिल है।

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इसके अलावा 11,24,000 रुपए और 60,23,500 रुपए की लागत से छोटे-बड़े 22 अन्य कार्य किए जाएंगे, जिनका लाभ सीधे आश्रय गृह के निवासियों को मिलेगा। विद्युत और सिविल से जुड़े नौ कार्य, जिनकी लागत 99,25,700 रुपए है, पांच माह के भीतर पूरे होंगे। इसमें महिला किचन डारमेट्री और नर्सिंग स्टेशन के लिए फ्लोरिंग, सिंक और वाश बेसिन की व्यवस्था तथा पेंटिंग कार्य शामिल हैं।

तीन माह में पूरी होने वाली 24,80,700 रुपए की लागत की परियोजनाओं में दीवारों की मरम्मत, बच्चों की सुरक्षा के लिए किनारों पर एल्यूमीनियम स्ट्रिप्स, फ्लश डोर और मजबूत एफआरपी डोर की स्थापना, छत की मरम्मत जैसे कार्य शामिल हैं। दीर्घकालिक लक्ष्य के तहत अगले 12 महीनों में 16,73,800 रुपए की लागत से उद्यान और लैंडस्केपिंग के कार्य होंगे, जिससे परिसर अधिक आकर्षक, सुंदर और हराभरा बनेगा।

इस आश्रय गृह में अगस्त 2024 में 20 दिनों के भीतर 14 लोगों की मृत्यु का मामला सामने आया था, जिसमें 8 महिलाएं, 6 पुरुष और 1 बच्चा शामिल थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने उस समय समाज कल्याण विभाग के सचिव को तलब कर मामले की जांच की थी। अब सरकार द्वारा मंजूर इस योजना से आशा किरण आश्रय गृह में रहने वालों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी और उनकी सुरक्षा व कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी।