दिल्ली की एक अदालत ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई पथराव की घटना के मामले में गिरफ्तार किये गए पांच आरोपियों को बृहस्पतिवार को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन पांचों आरोपियों- मोहम्मद आरिब, काशिफ, अदनान, मोहम्मद कैफ और समीर- को न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा सुहाग के सामने पेश किया गया था। 

सभी पांचों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। 

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को चांदनी महल पुलिस थाने में पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। 

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अब तक कुल 11 लोग गिरफ्तार

बृहस्पतिवार को इस मामले में तुर्कमान गेट इलाके के रहने वाले छह और लोगों – अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबैद को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारियां की गई हैं, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। 

पुलिसकर्मियों पर किया था पथराव 

मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात रामलीला मैदान क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण के खिलाफ चले अभियान के दौरान तब हिंसा भड़क गई थी, जब कई लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया था। पथराव में इलाके के थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। 

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि तुर्कमान गेट के सामने स्थित मस्जिद को अतिक्रमण के खिलाफ अभियान के दौरान ध्वस्त किया जा रहा है। इसके बाद लोग वहां जुटने लगे। पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि 150 से 200 लोगों ने पुलिसकर्मियों और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं। 

एमसीडी के उपायुक्त विवेक कुमार ने बताया था कि अभियान के दौरान लगभग 36,000 वर्ग फुट इलाके को खाली कराया गया। कुमार के अनुसार, रात भर चले इस अभियान के दौरान एक स्वास्थ्य जांच केंद्र, एक विवाह भवन और दो चारदीवारी ध्वस्त की गईं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि मस्जिद को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है।

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