कोरोना संकट के बीच टेस्ट किट्स को लेकर एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल ने आईसीएमआर पर ख़राब टेस्ट किट भेजने का आरोप लगाया था। बंगाल के बाद अब अब राजस्थान ने रैपिड टेस्ट किट के खराब होने की बात कही है। साथ ही राज्य सरकार ने इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने दावा किया है कि इन किट्स की एक्यूरेसी 90 प्रतिशत होनी चाहिए थी। लेकिन, यह महज 5.4 प्रतिशत ही आ रही है। राज्य में अबतक रैपिड टेस्ट किट से 1232 लोगों के टेस्ट किए गए हैं। जिनमें सिर्फ दो लोगों के पॉजिटिव होने के संकेत मिले हैं। बता दें के राजस्थान देश का पहला राज्य है जहां रैपिड टेस्ट किट के इस्तेमाल को मंजूरी दी गई थी।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस मामले में राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा “हमें आईसीएमआर से रैपिड टेस्ट किट प्राप्त किए जिंका उपयोग हमने राजस्थान में किया। हमने यह देखने के लिए कि क्या ये परीक्षण प्रभावी हैं, हमारे माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख और हमारे मेडिसिन विभाग के प्रमुख की एक समिति बनाई। इन किट्स की एक्यूरेसी 90% होनी चाहिए थी, यह महज 5.4 प्रतिशत ही आ रही है।

डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि टेस्टिंग के वक्त तापमान को लेकर जो गाइडलाइन थी, उसका भी पालन किया गया था। इसके बावजूद परिणाम सटीक नहीं हैं। शर्मा के मुताबिक, “विशेषज्ञों की टीम ने सलाह दी है कि इस टेस्टिंग किट के इस्तेमाल से कोई फायदा नहीं है। ऐसे में रैपिड टेस्टिंग किट से जांच रोक दी गई है। अब पहले की तरह पीसीआर से जैसे जांच होगी। इसमें तेजी लाई जाएगी।”

शर्मा ने आगे कहा कि हमने आईसीएमआर को लिखा है कि सटीकता सही नहीं होने के कारण हम इसका संचालन नहीं करेंगे। हम उनकी तरफ से उत्तर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बता दें ऐसे ही पश्चिम बंगाल सरकार ने रविवार को केंद्र सरकार पर ख़राब कोरोना वायरस टेस्ट किट देने का आरोप लगाया था। राज्य सरकार की ओर से जारी ट्वीट में आईसीएमआर-नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ कॉलेरा एंड इंटेरिक डिज़ीज़ेज़ पर ख़राब टेस्ट किट भेजने का आरोप लगाया था। जिसकी वजह से बार-बार परिणाम गलत आ रहे थे।


सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में आईसीएमआर के डिप्टी डायरेक्टर रमन गंगाखेड़कर ने इस मामले में जवाब देते हुए कहा थे कि बंगाल से कुछ शिकायतें आयीं हैं कि कुछ कोरोना टेस्ट ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। हमें ध्यान रखना होगा कि पीजीआई किट अमेरिकी लैब से वैध है। किट को 20 डिग्री से कम तापमान में रखना होगा। तब कोई दिक्कत नहीं आएगी। परीक्षण किट को तापमान में रखना बहुत महत्वपूर्ण है।