आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच टकराव खत्म होने के बजाए बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बजट के ठीक पहले रविवार को मुख्यमंत्री की ओर से भेजी गर्इं महत्त्वपूर्ण फाइलें मुख्य सचिव ने लौटा दीं, जोकि अचंभित करने वाला है।
दिल्ली सरकार के प्रवक्ता नागेंद्र शर्मा ने भी एक ट्वीट कर कहा, ‘यह आश्चर्यजनक है कि मुख्य सचिव ने रविवार को अपने आवास पर भेजी गई फाइलों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। ये फाइलें मुख्यमंत्री द्वारा भेजी गई थीं और मोहल्ला व पॉलीक्लीनिक पर बजट भाषण से संबंधित थी। मुख्य सचिव ने कहा है कि उन्हें ये फाइलें सोमवार को कार्यावधि में कार्यालय में भेजी जाएं’।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘फाइल में वार्षिक बजट भाषण की तैयारियों पर टिप्पणी थी। ये फाइलें दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख पहल मोहल्ला व पॉलीक्लीनिक को खोलने के लिए जवाबदेही तय करने के संबंध में थीं। विज्ञप्ति में कहा गया कि इस साल सरकार बजट तैयार करने में नई अवधारणा ला रही है। बड़ी परियोजनाओं के लिए विधानसभा के समक्ष स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा रखी जाएगी, ताकि दिल्ली सरकार को विधायिका के प्रति ज्यादा जवाबदेह बनाया जा सके। किसी भी परियोजना के बारे में कैबिनेट नोट की तारीख से लेकर परियोजना पूरी करने तक की जानकारी दी जाएगी। हर स्तर पर लक्ष्य और समयसीमा का उल्लेख होगा। ये सभी तारीखें विधानसभा के समक्ष रखी जाएंगी’।
विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘मोहल्ला क्लीनिक के संबंध में मुख्यमंत्री की मंशा निर्माण से लेकर परिचालन, डॉक्टरों की बहाली और क्लीनिक शुरू किए जाने की तारीखों का फाइल में उल्लेख किए जाने और मुख्य सचिव द्वारा व्यक्तिगत निगरानी में इसे लागू किए जाने की थी। लेकिन, जब रविवार सुबह मुख्य सचिव के पास फाइल भेजी गई तो मुख्य सचिव आवास द्वारा सूचित किया गया कि आज रविवार है, इसलिए फाइलों को सोमवार को भेजा जाए।
मुख्य सचिव के पास भेजी गई दूसरी फाइल में पॉलीक्लीनिक के बारे में विशिष्ट समयसीमा की सूचना मांगी गई थी क्योंकि 47 पॉलीक्लीनिकों के परिचालन के संबंध में 12 महीनों की अनुमानित समयसीमा दी गई है, जिस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर की थी कि इतनी महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं पर अस्पष्ट सूचना दी गई। गौरतलब है कि मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने 20 फरवरी को आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास में बैठक के दौरान कथित रूप से पीटा, जिसके बाद से ही केजरीवाल सरकार और अधिकारियों के बीच रिश्ते तल्ख हो गए थे।
