छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन उससे पहले राज्य में सियासत गर्म है। कांग्रेस जहां आदिवासियों के पत्थरगढ़ी आंदोलन को मुद्दा बनाकर सत्ता में वापस आना चाहती है, वहीं बीजेपी के बड़े नेताओं ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य के पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य प्रभारी व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को इस बाबत पत्र लिखा है। कंवर ने अपने पत्र में सीएम के प्रमुख सचिव अमन सिंह की तानाशाही और मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना का जिक्र किया है। भाजपा नेता ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि आरोपी अधिकारी बीजेपी के ‘मिशन 65’ में रोड़ा अटका रहे हैं, इसलिए उन्हें फौरन हटाया जाय। आरोप लगाया गया है कि सीएम के प्रधान सचिव भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को जानबूझ कर परेशान कर रहे हैं और उन्हें निशाने पर ले रखा है।

जेटली को लिखे पत्र में सीएम के प्रमुख सचिव के भ्रष्टाचार के कई किस्से और उनकी पत्नी और परिवार द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर अवैध संपत्ति अर्जित करने के भी आरोप हैं। ननकी राम ने आरोप लगाया है कि राज्य में विधानसभा चुनाव मुहाने पर है, ऐसे में सीएम के प्रधान सचिव ने पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपी अधिकारी के इशारे पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को पुलिसिया उत्पीड़न और बेवजह थाने बुलाकर अपमानित करवाया जा रहा है। ननकी राम ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि यही हाल जारी रहा तो विधानसभा चुनावों में पार्टी को कार्यकर्ताओं के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।

पूर्व मंत्री द्वारा लिखी गई चिट्ठी-

पूर्व गृहमंत्री ने यहां तक आरोप लगाया है कि अमन सिंह मुख्यमंत्री सचिवालय में बैठकर भाजपा को राज्य से खत्म करने के अभियान को हवा दे रहे हैं। पूर्व मंत्री का आरोप है कि उन्होंने कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को सरकार के गोपनीय पत्र मुहैया कराए हैं जो विधानसभा चुनावों में पार्टी की परेशानी का सबब बन सकते है। बता दें कि ननकी राम कंवर छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं। राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। वो संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। ऐसे में उनके आरोप रमन सिंह सरकार के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। हालांकि, सरकार की तरफ से मामले की जांच का आश्वासन दिया गया है। छत्तीसगढ़ की 90 सदस्यीय विधान सभा में बीजेपी ने इस साल 65 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।