दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार सीबीआइ का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को झूठे मामले में फंसाने और गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार की चिट्ठी का उल्लेख करते हुए सिसोदिया ने कहा कि इससे साबित होता है कि किस तरह से केंद्र सरकार का पूरा खुफिया तंत्र आप सरकार के खिलाफ काम कर रहा है। गौरतलब है कि राजेंद्र कुमार ने भ्रष्टाचार के एक कथित मामले में सीबीआइ की ओर से उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किए जाने के एक महीने बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगी है और आरोप लगाया कि जांचकर्ताओं ने उन्हें बार-बार मुख्यमंत्री को फंसाने के लिए कहा। उधर, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट कर पूछा कि आखिर प्रधानमंत्री उनसे इतने डरे हुए क्यों हैं।
राजेंद्र कुमार के पत्र की चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआइ ने राजेंद्र कुमार पर दबाव डाला कि यदि वे मुख्यमंत्री का नाम लेते हैं तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजंसी की मंशा राजेंद्र कुमार से अरविंद केजरीवाल का नाम उगलवाने की थी क्योंकि वे मुख्यमंत्री के कार्यालय पर छापा मारने और उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी कर रहे थे। सिसोदिया ने कहा, ‘ये वही सीबीआइ अधिकारी थे जिन्होंने बीके बंसल और उनके परिवार को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया’। वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ट्वीट कर कहते हैं, ‘सीबीआइ ने मेरे दफ्तर पर छापे मारे, मुझे फंसाने के लिए अधिकारियों पर दबाव डाला गया। सीबीआइ ने सत्येंद्र जैन के कार्यालय पर छापा मारा। आखिर आप हमसे इतने भयभीत क्यों हैं मोदीजी?’
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सीबीआइ का मुख्य फोकस भ्रष्टाचार और आतंकियों से लड़ने की नहीं है बल्कि उनकी सारी ऊर्जा केजरीवाल को झूठे मामले में फंसाने की है। सिसोदिया ने कहा, ‘मोदी जी आपको जो करना है करें। सीबीआइ का इस्तेमाल हमारे अधिकारियों, मंत्रियों, विधायकों और यहां तक कि मुझे और अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने में करें। लेकिन आपकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। पंजाब, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के लोग आपको सबक सिखाने के लिए तैयार हैं’। उन्होंने कहा कि ‘मोदी और शाह’ लोकतंत्र की हत्या पर उतारू हैं और सारे मोर्चों पर विफल रहने के बाद सीबीआइ को आप सरकार के खिलाफ छोड़ दिया गया है।
पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार ने दिल्ली के मुख्य सचिव को लिखे अपने पत्र में ने कहा था कि जांच प्रणाली, प्रक्रिया, प्रोटोकॉल, पारदर्शिता, शिष्टता के मामले में उन्होंने कभी भी इस तरह से ‘उपेक्षा’ का सामना नहीं किया और ऐसा उन्होंने पहली बार अपने मामले में महसूस किया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में चल रही सीबीआइ जांच का हवाला देते हुए कुमार ने आरोप लगाया, ‘मुझे बार-बार कहा गया कि अगर मैं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इसमें फंसाता हूं तो मुझे छोड़ दिया जाएगा’।

