बंबई उच्च न्यायालय की पणजी पीठ ने मंगलवार को गोवा के मुख्य सचिव को बुधवार तक मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी देने वाला एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति आर.एम. बोर्डे ने स्थानीय नेता ट्राजनो डिमेलो की याचिका पर यह निर्देश दिया। डिमेलो ने पर्रिकर की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी मांगने वाली याचिका दाखिल की थी। पर्रिकर एडवांस पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे हैं और एक माह से अधिक समय से उन्होंने अपने निजी आवास से बाहर किसी भी समारोह या आधिकारिक बैठक में भाग नहीं लिया है।

डिमेलो ने इस माह की शुरुआत में दाखिल अपनी याचिका में अदालत से आग्रह किया था कि वह राज्य के मुख्य सचिव धर्मेद्र शर्मा को विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा पूर्व रक्षामंत्री के स्वास्थ्य की समीक्षा करने और एक मेडिकल रपट सार्वजनिक करने के लिए कहे। पर्रिकर ने करीब नौ महीनों तक गोवा, मुंबई, न्यूयॉर्क और दिल्ली के अस्पतालों में अपना इलाज करवाया है। वह 14 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित एम्स से राज्य वापस आने के बाद किसी भी अधिकारिक कार्यक्रम के लिए अपने आवास से बाहर नहीं निकले हैं।

4 दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर से उनके निजी आवास पर उनसे मुलाकात करने के बाद कहा कि उनकी सेहत में सुधार है और वह अपने पेशेवर कार्य करने की स्थिति में हैं। उधर, पर्रिकर के स्वास्थ्य की स्थिति का सार्वजनिक तौर पर खुलासा करने की मांग को लेकर बंबई उच्च न्यायालय की पणजी पीठ में दायर याचिका पर सुनवाई चल रही है।

पंचायत मंत्री मौविन गोडिन्हो ने पर्रिकर के आवास पर उनसे मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, “उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर प्रत्येक विधायक से उनकी कठिनाइयों के बारे में पूछा और समस्याओं को दूर करने सुझाव दिए। गोडिन्हो ने कहा, “महज सेहत में सुधार होने का मतलब यह नहीं है कि वह सुझाव दे सकते हैं और अपने कार्यालय संबंधी कार्य कर सकते हैं।” मंत्री ने कहा कि पर्रिकर के स्वास्थ्य में काफी सुधार है। पर्रिकर एडवांस्ड पैंक्रियाटिक कैंसर से पीड़ित हैं और वह इलाज के लिए करीब नौ महीनों से गोवा, मुंबई, न्यूयार्क और दिल्ली के अस्पताल जाते रहे हैं।