महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि पर नागपुर में जमकर गहमागहमी हुई। इस बीच नागपुर शहर में शुक्रवार को भाजपा के एक उम्मीदवार के समर्थकों ने उन्हें घर में बंद कर दिया ताकि वह अपना नामांकन वापस न ले सकें।
भाजपा ने अपने ‘एबी फॉर्म’ (नामांकन दाखिल करने के लिए आवश्यक एक महत्वपूर्ण दस्तावेज) में वार्ड 13 (D) से विजय होले और किसान गावंडे को उम्मीदवार बनाया था लेकिन बाद में पार्टी ने गावंडे से चुनावी मैदान से हटने को कहा। इस फैसले से भाजपा कार्यकर्ताओं का एक वर्ग नाराज हो गया जो वार्ड 13 (D) के अंतर्गत आने वाले हजारीपहाड़ इलाके से प्रतिनिधित्व चाहता था। गावंडे के समर्थकों ने उन्हें घर में बंद कर दिया, ताकि वह निर्वाचन अधिकारी से मिलकर अपना नामांकन वापस न ले सकें और इस दौरान नारेबाजी भी की।
भाजपा कार्यकर्ता नाराज
भाजपा के विधान परिषद सदस्य परिणय फुके और स्थानीय नेता मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को समझाया, जिसके बाद गावंडे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। गावंडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “इलाके के भाजपा कार्यकर्ता चाहते थे कि मैं चुनाव लड़ूं इसलिए वे नाराज हो गए। हम पार्टी नेतृत्व के फैसले को समझते हैं और इसी वजह से मैंने नामांकन वापस ले लिया।”
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पूर्व पार्षद ने बीजेपी नेता अशोक चव्हाण पर रुपये लेकर टिकट देने का लगाया आरोप
वहीं, महानगर पालिका चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर सभी पार्टियों में व्याप्त असंतोष के बीच एक पूर्व पार्षद ने पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता अशोक चव्हाण पर रुपये लेकर टिकट देने का आरोप लगाया। चव्हाण ने हालांकि आरोपों को खारिज कर दिया। मराठवाड़ा क्षेत्र के नांदेड़ शहर में चव्हाण के लंबे समय से सहयोगी माने जाने वाले भानुषी रावत ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने धनवान उम्मीदवारों को टिकट देने के लिए 50 लाख रुपये लिए थे।
रावत ने आरोप लगाया, “रुपये के बदले टिकट देकर पार्टी ने अपने वफादार कार्यकर्ताओं की बलि दी है।” उन्होंने दावा किया कि वर्षों की सेवा के बावजूद भाजपा के मेहनती कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया है। चव्हाण ने आरोपों को खारिज करते हुए शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, “मैंने किसी से पैसे नहीं मांगे हैं। सामाजिक जीवन में मेरा 50 साल का लंबा करियर रहा है। मैंने कभी ऐसा कुछ नहीं किया।”
वर्ष 1980 से चव्हाण के साथ राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे रावत को उनके कट्टर समर्थक के रूप में जाना जाता है। रावत ने कहा कि उन्होंने वार्ड नंबर 16 से अपने बेटे के लिए भाजपा से टिकट मांगा था लेकिन पार्टी ने आखिरी समय में नामांकन रद्द कर दिया। नांदेड़ महानगर पालिका सहित राज्य की 29 महानगर पालिकाओं के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना अगले दिन होगी।
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(इनपुट- भाषा)
