डिप्थीरिया से महर्षि वाल्मीकि संक्रामक अस्पताल में बच्चों की मौत पर बीजेपी नेता ने अजीबोगरीब दलील दी है। एमसीडी सदन में चर्चा के दौरान गैरजिम्मेदाराना बयान देते हुए स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैन वीना विरमानी ने कहा, “शायद भगवान ने बच्चों की उम्र इतनी ही लिखी थी”। नार्थ एमसीडी सदन में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू होते ही बीजेपी पार्षद सदन छोड़कर चले गए। थोड़ी देर बाद सदन के दोबारा शुरू होने पर स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैन ने अपने बचाव में यह अजीबोगरीब दलील दे डाली।
भाजपा के नेता डिप्थीरिया से बच्चों की मौत के मामले में चर्चा से दूरी बना के रख रहे थे। बच्चों की मौत के मुद्दे पर चर्चा छोड़ दूसरे मसले पर चर्चा करने लगे। लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा को बैकफुट पर देख मेयर आदेश गुप्ता ने सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए रोक दी।
सदन के दोबारा शुरू होने पर स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैन वीना विरमानी ने कहा कि भगवान ने शायद बच्चों की उम्र इतनी ही लिखी थी, इसलिए उनकी मौत हो गई। इस बात पर अन्य दलों के पार्षदों ने हंगामा काट दिया। मेयर बीजेपी को कवर करते हुए कहते रहे, “मेडिकल सुपरिटेंडेंट के खिलाफ एक्शन लिया गया है।”
वहीं, बच्चों की मौत पर बीजेपी नेता के दिए बयान को आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने गैरजिम्मेदाराना बताया है। इस मुद्दे पर आप के पार्षद विकास गोयल का कहना है, “अगर अस्पताल में सबकुछ भगवान भरोसे ही है तो इलाज के लिए दवाइयां क्यों मंगाई गईं। जब सब भगवान भरोसे है तो हॉस्पिटल भी एमसीडी क्यों चला रहा है।”
अपने दिए बयान पर बैकफुट पर आने के बाद स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैन वीना विरमानी ने सफाई दी। उन्होंने कहा, ” विपक्ष के नेता मेरी कही बात का गलत अर्थ निकाल रहे हैं। मेरे कहने का अर्थ यह था कि अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की, लेकिन भगवान को शायद यही मंजूर था।”
