बिहार में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात एक आईएएस अधिकारी की कथित वीडियो क्लिप के चलते विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि वीडियो क्लिप में डीएम कह रहे हैं कि लोगों को चुनावों में अपनी जाति के व्यक्तियों को ही वोट करना चाहिए। इससे उनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। बताया जा रहा है कि यह वीडियो शिवहर के डीएम और 2010 के आर्इएएस अधिकारी राजकुमार का है। उन्होंने शनिवार को सीतामढ़ी में गणिनाथ मंदिर में कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया। 7 मिनट 49 सैकंड की इस वीडियो क्लिप में वे यह कहते सुनाई दिए कि जाति से ऊपर कुछ नहीं है। साथ ही एक अति पिछड़ी जाति के लोगों से कह रहे हैं कि वे अपनी जाति के उम्मीदवारों को ही वोट दिया करें।
वीडियो क्लिप में राजकुमार कहते सुने गए, ”यदि वह आपका दुश्मन है तो इसे भुला दो और चुनाव में केवल उसे ही वोट दो। फिर चाहे वो विधानसभा का चुनाव हो या कोई अन्य चुनाव। 243 विधायकों में से आपकी जाति के केवल 3 विधायक हैं। सभी जगहों पर अपना प्रतिनिधित्व बढ़ाएं और पंचायत से लेकर विधानसभा तक चुनावों में सक्रियता से भाग लीजिए।” हालांकि वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हो पाई है। राजकुमार बिहार के सारण जिले के रेवलगंज के रहने वाले हैं। उनके भाषण पर लोगों ने काफी तालियां बजाईं।
वीडियो के बारे में राजकुमार का कहना है कि वे कार्यक्रम में डीएम या आईएएस अधिकारी के रूप में नहीं बल्कि सामान्य व्यक्ति के तौर पर शामिल हुए थे। उन्होंने अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ को बताया, ”शिवहर जिले में हमारे समाज का एक भी मंदिर नहीं है, इसलिए मैं सीतामढ़ी में भगवान को प्रणाम करने गया था। मेरे पिता भी साथ थे।” हालांकि उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में ले लिया गया। इस मुद्दे पर जेडीयू और भाजपा ने डीएम की आलोचना की है।
