राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पत्नी को तलाक देने के संदर्भ में रांची में अपने पिता से मिलने के बाद अभी तक घर नहीं लौटे हैं। तेज प्रताप की शादी छह महीने पहले ही हुई थी। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा, “तेज प्रताप की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी उनके घर लौटने का इंतजार कर रही हैं।” हालांकि, राजद नेताओं का कहना है कि तेजप्रताप सोमवार से वाराणसी में हैं। खबर यह भी है कि तेज प्रताप अभी दिल्ली में और मां राबड़ी देवी उनसे मिलकर लौटी हैं। दोनों की फोन पर बातचीत भी होती है, मगर पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर बिहार लौटने को राजी नहीं है। उधर वापस पटना लौटी राबड़ी देवी से जब एक पत्रकार ने पूछा कि उनका बेटा कहां है तो उन्होंने कहा कि वह बेटा है, घर आ जाएगा। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा, ‘बेटा है तेज प्रताप हमारा, जल्द घर आ जाएगा।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘आपको (मीडिया) मंजू वर्मा को खोजना चाहिए। वो कहां हैं? सरकार ने उन्हें छिपाकर रखा है।’

बता दें कि पूर्व मंत्री मंजू वर्मा मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह दुष्कर्म कांड से जुड़े हथियार के एक मामले आरोपी हैं। उन्हें अदालत के आदेश के बाद बीते शनिवार को भगोड़ी घोषित किया है। इसके अलावा उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। मामले में बेगूसराय पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार ने कहा, “संपत्ति जब्ती नोटिस उनके आवास पर चिपका दिया गया है और पुलिस ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।” मंजू वर्मा के पटना व बेगूसराय स्थित आवासों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे के दौरान 50 जिंदा कारतूस बरामद किए थे, जिसके बाद से वर्मा पर हथियार अधिनियम के तहत गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। वह बीते तीन महीनों से फरार हैं। पटना उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पिछले माह बेगूसराय की एक अदालत ने मंजू वर्मा के खिलाफ वारंट जारी किया था।

हालांकि पिछले तीन महीने से फरार मंत्री के पति चंद्रशेखर वर्मा ने सोमवार को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें इस मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मंजू वर्मा ने आरोप लगने के बाद 8 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। आरोप है कि मुजफ्फरपुर के बालिका आश्रय गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से उनके पति के करीबी रिश्ते हैं। मंजू मीडिया के सामने कह चुकी हैं कि वह खुद बालिका आश्रय गृह में जाया करती थीं और उनके पति बाहर कार में बैठे रहते थे। इस बालिका आश्रय गृह में 34 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। ब्रजेश ठाकुर फिलहाल मुजफ्फरपुर जेल में बंद है। वह स्थानीय अखबार ‘प्रात:कमल’ का संचालक भी था। उसके इस छोटे अखबार को नीतीश सरकार से करोड़ों रुपए के विज्ञापन मिलते रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर ब्रजेश को पंजाब की पटियाला जेल भेज दिया गया है। (जनसत्ता ऑनलाइन इनपुट सहित)