बिहार के बेगुसराय में बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 50,000 के इनामी वांछित माओवादी नेता को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है।
बिहार पुलिस मुख्यालय और संचालन के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) कुंदन कृष्णन ने जानकारी देते हुए कहा कि बिहार एसटीएफ ने पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान में बेगुसराय के तेघरा पुलिस थाना क्षेत्र में मंगलवार रात 50 हजार रुपये के इनाम वाले एक वांछित माओवादी नेता को मुठभेड़ में मार गिराया।
हमोदिह गांव का रहने वाला था माओवादी
माओवादी नेता की पहचान दयानंद मलाकर उर्फ छोटू उर्फ कुलबीर के रूप में की गई है, जो उत्तर बिहार केंद्रीय क्षेत्रीय समिति का सचिव था। दयानंद बेगुसराय जिले के बीरपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत हमोदिह गांव का रहने वाला था। वह अभी तेघरा क्षेत्र के नोनपुरा गांव से अपना काम कर रहा था।
बिहार एडीजी कृष्णन ने बताया कि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर डीएसपी सुमित शेखर और डीएसपी राजीव लाल की देखरेख में एक संयुक्त टीम ने एसटीएफ और डीआईयू की कई विशेष इकाइयों के साथ मिलकर तेघरा इलाके में कार्रवाई की।
हमला करने के फिराक में था
एडीजी कृष्णन ने बताया कि टीम को सूचना मिली कि दयानंद मलाकर अपने साथियों के साथ हथियारों के साथ एक बड़ा हमला करने के फिराक में है। आगे कहा, “हमें यह भी पता चला कि वह धन उगाही करने और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देने की योजना बना रहा था।”
जवाबी गोलीबारी में हुआ ढेर
एडीजी ने कहा कि इलाके को टीम ने घेर लिया और फिर माओवादियों ने सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जवाबी गोलीबारी में दयानंद मलाकर को गोलियां लगी और वह घायल हो गया। उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया,जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल से पुलिस ने दयानंद मलाकर के दो साथियों को भी गिरफ्तार किया है। घटना से जुड़ी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
हथियारों का जखीरा भी हुआ बरामद
घटनास्थल से बड़ी मात्रा में भारी हथियारों का जखीरा बरामद किया है, हथियारों में 5.56एमएम इंसास राइफल,एक देशी कार्बाइन,एक देशी पिस्टल, अलग-अलग बोर के 25 कार्टेज, कार्बाइन के लिए एक अतिरिक्त कार्बाइन और 15 खाली खोखे शामिल हैं।
1999 से कर रहा था अपराध
एडीजी कृष्णन ने कहा कि दयानंद दो दशकों से माओवादी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। दयानंद एक कुख्यात माओवादी था और वह 1999 से लगातार जबरन वसूली और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि दयानंद 2003 में बखरी पुलिस थाना क्षेत्र में शिवजी महतो की हत्याकांड और 2006 में बरौनी पुलिस थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने की घटना समेत कई अन्य गंभीर मामलों में शामिल रहा था।
एडीजी ने कहा, “वह ईंट भट्टों और सड़क, पुल और भवन निर्माण जैसी कंपनियों से जुड़े ठेकेदारों को धमकाकर संगठन के नाम पर वसूली करता था।”
20 से अधिक मामले थे दर्ज
पुलिस रिकार्ड में उसके नाम पर हत्या, वसूली, हथियार और विस्फोटक से संबंधित अपराधों समेत 20 से अधिक मामले दर्ज थे। बेगुसराय पुलिस ने उस पर वांछित अपराधी घोषित किया था और उस पर 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।
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