बिहार में बाढ़ से लगातार हालात खराब होते जा रहे हैं। बिहार के दरभंगा जिले में एक तस्वीर सामने आई है जहां एक पुलिस स्टेशन में बाढ़ का पानी भर गया है। आलम ये है कि पानी में सांप तैर रहे हैं। इतना ही नहीं पुलिस का कहना है कि वह अपने खर्चे पर नाव से पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
ASI मिथिलेश सिंह ने बताया, “पेट्रोलिंग पर जाने के लिए भी नाव नहीं है। अपने पैसे से नाव खरीद ग्रामीण इलाकों में पेट्रोलिंग के लिए जा रहे हैं। हम चीजें को पानी में डूबने से बचाने के लिए सबकुछ टेबल पर रखा है। फिलहाल पेड़ के नीचे सारा काम कर रहे हैं। वहीं, जदयू विधायक का कहना है कि, सरकार लोगों को जरूरी सामान पहुंचा रही है। थाना 60 साल पुराना है निचली जगह पर होने के कारण थाने में इस बार पानी भर गया है। वहीं, बाजार में पानी नहीं है। थाने को ऊंची जगह पर बनाने का काम जारी है। आज से 10 साल पहले आपको पूरा इलाका पानी में मिलता।
Bihar: Kushewarsthan Police station in Darbhanga district flooded following incessant rainfall in the region. Snakes seen floating in the water at the Police station. pic.twitter.com/GIHzthT9Kw
— ANI (@ANI) July 28, 2020
दरअसल, दरभंगा जिले में बागमती नदी का पानी बढ़ने के साथ ही बाढ़ का रूप और विकराल होता जा रहा है। यहां स्कूल और कॉलेज भी बाढ़ के चपेट में आ गए हैं। दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां कॉलेज परिसर में जलभराव हो गया है।
बिहार में बाढ़ से हालात काफी खराब हैं, पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल में भी नदियों के जलस्तर में उतार चढ़ाव हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार खगड़िया के सात प्रखंडों की 32 पंचायतें बाढ़ की गिरफ्तर में हैं। इन पंचायतों के 90 गांव जलमग्न हो गए हैं। पश्चिम चंपारण के शिवारजपुर गांव के पास चंपारण तटबंध में रिसाव की घटना सामने आई थी। समस्तीपुर में बूढ़ी गंडक का जलस्तर लाल निशान के ऊपर है। सीतामढ़ी में बागमती, अधवारा और लालबकेाय उफान पर है।
