Bihar Election 2020: कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 49 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। राजेश सिंह को वाल्मिकी नगर से टिकट मिला है। वहीं, राजेश राम को रामनगर से कांग्रेस ने मैदान में उतारा है। वहीं, रक्सौल से रामबाबू यादव कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे। बेतिया से मदन मोहन तिवारी, पूर्णिया से इंदू सिन्हा, कोहरा से पूनम पासवान को टिकट दिया गया है।
कांग्रेस ने कुछ दिनों पहले 21 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। पार्टी उम्मीदवारों की आखिरी सूची में जाने-माने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा औेर लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव की पुत्री सुभाषिनी के नाम भी शामिल हैं। लव को बांकीपुर और सुभाषिनी को बिहारीगंज से टिकट मिला है।
उधर कांग्रेस ने अपने ‘वार रूम’ का प्रभार पार्टी की झारखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार को सौंपा है जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में वापसी की है। सूत्रों के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए वार रूम के प्रभारी अजय कुमार होंगे तथा ज़रिता लैतफलांग एवं नवीन शर्मा इसके समन्वयक होंगे।
चुनाव के समय कांग्रेस के वार रूम से ही पूरे प्रचार अभियान और सोशल मीडिया अभियान का समन्वय किया जाता है। इस चुनाव में राजद और वाम दलों के साथ तालमेल कर कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। राजद 144 और वाम दल 29 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को मतदान होगा और मतगणना 10 नवंबर को होगी।

Highlights
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव और तेजप्रताप यादव कम उम्र में इतनी अधिक सम्पत्ति के मालिक कैसे बन गए। पटना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सुशील ने पूछा कि आखिर 31 साल की उम्र में तेजस्वी यादव 52 एवं तेजप्रताप 28 से ज्यादा सम्पत्ति के मालिक कैसे बन गए जबकि उनकी कोई पुश्तैनी सम्पत्ति नहीं थी। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी की संपत्ति को लेकर सुशील ने कडे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि आखिर बिना किसी नौकरी, व्यवसाय के इतना पैसा कहां से आया कि किसी अन्य को 4 करोड़ 10 लाख का ऋण भी दे दिया। सुशील ने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं को जो सम्पत्ति उपहारस्वरूप प्राप्त हुई उसे 2005 में खरीदी हुई दिखाई जा रही है। वहीं, सुशील के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि सुशील मोदी को बिहार में बिगड़ती विधि व्यवस्था और मुजफ्फरपुर की बच्चियों की चीत्कार (बालिका गृह यौन शोषण) मामले पर लोगों ने कभी बोलते नहीं सुना।
चुनाव आयोग ने बृहस्पतिवार को कहा कि एक्जिट पोल पर प्रतिबंध लागू रहने की अवधि के दौरान मीडिया में ज्योतिषियों, टैरो कार्ड पढ़ने वालों और विश्लेषकों द्वारा नतीजों के बारे में भविष्यवाणी करना चुनाव कानूनों का उल्लंघन है। बिहार में इस महीने के अंत से शुरू हो रहे तीन चरणों के विधानसभा चुनावों से पहले आयोग ने यह परामर्श फिर से जारी किया है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया से कहा गया है कि प्रतिबंधित अवधि के दौरान इस तरह के कार्यक्रमों के प्रसारण और प्रकाशन से बचें ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित कराए जा सकें। यह परामर्श सबसे पहले 30 मार्च 2017 को जारी किया गया था, जिसमें चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126ए का हवाला दिया था। प्रावधान में कहा गया है कि ‘‘कोई भी व्यक्ति एक्जिट पोल नहीं कराएगा और उसके नतीजे चाहे जो हों, उसे चुनाव आयोग की तरफ से अधिसूचित अवधि के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशित या प्रसारित नहीं करेगा।’’
नीतीश कुमार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजद नेता तेजस्वी यादव सहित विपक्ष के कुछ नेता शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं । एक दिन पहले ही तेजस्वी ने नीतीश कुमार को नालंदा से चुनाव में उतरने की चुनौती दी थी । तेजस्वी का पूछा था कि जब वह उप मुख्यमंत्री बने थे तो किसकी सरकर में बने थे? तेजस्वी ने कहा कि ये सवाल तब क्यों नहीं उठाया गया था कि वह अनुभवहीन हैं? बहरहाल, नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ बिहार के विकास को जनता ने देखा है और जानती है कि पति-पत्नी (पूर्व मुख्यमंत्री लालू एवं राबड़ी देवी) के 15 साल (के शासनकाल) में कितना विकास हुआ? ’’ लालू प्रसाद पर प्रहार जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि 15 साल पति-पत्नी ने राज किया, ‘‘पति जेल गए तो पत्नी आ गईं, लेकिन क्या विकास किया?’
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर ‘प्रचार’ पाने के लिये लगातार उनके खिलाफ ‘‘कुछ न कुछ बोलते रहने’’ का आरोप लगाया और दावा किया कि ऐसे लोगों को बिहार के विकास के कार्यो की समझ और अनुभव नहीं है । उन्होंने जमुई के चकाई, लखीसरास के सूर्यगढ़ा, शेखपुरा के बरबीघा में शुक्रवार जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कही । नीतीश कुमार ने किसी का नाम लिये बिना कहा, ‘‘ काम में ही हमारा विश्वास है । लेकिन कुछ लोगों को इसकी कोई समझ नहीं है और कुछ भी अनुभव नहीं है। ऐसे लोग अपने प्रचार के लिए मेरे बारे में कुछ भी बोलते रहते हैं । ‘‘ उन्होंने कहा कि अगर उनको ऐसा बोलने से प्रचार मिलता है तो करें । मेरा काम तो सेवा करने है और सेवा ही मेरा धर्म है। मौका मिलेगा तो और काम करेंगे । ’’
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी महागठबंधन ने बृहस्पतिवार देर शाम सभी 243 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी । महागठबंधन के नेताओं ने आज यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों के लिए अपने गठबंधन के उम्मीदवारों की सूची जारी की । महागठबंधन में सीटों के बंटवारे के तहत राज्य की 243 सीटों में से 144 राष्ट्रीय जनता दल, 70 कांग्रेस और 29 सीट वाम दलों के खाते में आयी हैं। वाम दलों को मिली 29 सीटों में से भाकपा को 6 सीटें, माकपा को 4, भाकपा माले को 19 सीटें दी गई हैं। इस अवसर पर मौजूद राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने कहा कि महागठबंधन वैचारिक और व्यावहारिक है। इसके उम्मीदवारों की सूची में समाज के सभी वर्गों को समुचित प्रतिनिधित्व दिया गया है।
कांग्रेस ने कुछ दिनों पहले 21 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। पार्टी उम्मीदवारों की आखिरी सूची में जाने-माने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा औेर लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव की पुत्री सुभाषिनी के नाम भी शामिल हैं। लव को बांकीपुर और सुभाषिनी को बिहारीगंज से टिकट मिला है। इस चुनाव में राजद और वाम दलों के साथ तालमेल कर कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। राजद 144 और वाम दल 29 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को मतदान होगा और मतगणना 10 नवंबर को होगी।
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बृहस्पतिवार को यह स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू से गठबंधन तोडने के निर्णय का बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजग में सीटों की साझेदारी से कोई संबंध नहीं है तथा मुख्यमंत्री ने महादलित का गठन कर दलित समुदाय को नुकसान पहुंचाया है । चिराग ने ‘‘भाषा’’ को साक्षात्कार के दौरान बताया कि दलितों के बीच से महादलित का गठन कर नीतीश ने इस समुदाय के बीच फूट डालने का काम किया। उन्होंने कहा कि इसका उनके पिता और लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान हमेशा विरोध करते रहे। उन्होंने कहा कि पिछला लोकसभा चुनाव लोजपा ने जदयू के साथ राजग में मजबूरीवश लडा था। उन्होंने दावा किया कि जदयू के नेताओं ने पिछले लोकसभा चुनाव में गठबंधन धर्म का पालन न कर लोजपा के खिलाफ काम किया था।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर ‘प्रचार’ पाने के लिये लगातार उनके खिलाफ ‘‘कुछ न कुछ बोलते रहने’’ का आरोप लगाया और दावा किया कि ऐसे लोगों को बिहार के विकास के कार्यो की समझ और अनुभव नहीं है । उन्होंने जमुई के चकाई, लखीसरास के सूर्यगढ़ा, शेखपुरा के बरबीघा में शुक्रवार जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कही । नीतीश कुमार ने किसी का नाम लिये बिना कहा, ‘‘ काम में ही हमारा विश्वास है । लेकिन कुछ लोगों को इसकी कोई समझ नहीं है और कुछ भी अनुभव नहीं है। ऐसे लोग अपने प्रचार के लिए मेरे बारे में कुछ भी बोलते रहते हैं । ‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘ अगर उनको ऐसा बोलने से प्रचार मिलता है तो करें । मेरा काम तो सेवा करने है और सेवा ही मेरा धर्म है। मौका मिलेगा तो और काम करेंगे । ’’
फिल्म निर्देशक अनुभव सिन्हा ने बंबई में का बा गाने की नकल करने का आरोप बीजेपी पर लगाया है।
बिहार में जेपी नड्डा ने अपने संबोधन के दौरानजम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने, राम मंदिर के निर्माण शुरू होने और एक बार में तीन तलाक को समाप्त करने का जिक्र किया । उन्होंने कहा कि वर्षों से हम सभी की इच्छा थी कि भव्य राम मंदिर का निर्माण हो लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इसे लटकाना, अटकाना, भटकाना जारी रखा। उन्होंने कहा, ‘‘ हम धन्यवाद देते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया, मोदी जी ने शिलान्यास किया और अब भव्य राममंदिर का निर्माण होगा।’’
सुपौल जिले के छातापुर से भाजपा के विधायक सह भाजपा उम्मीदवार नीरज सिंह बबलू को जनसंपर्क के दौरान सीने में दर्द की शिकायत हुई है। इसके बाद स्थानीय डॉक्टर ने उन्हें पटना रेफर कर दिया है। फिलहाल पटना के जीवक हार्ट हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। नीरज बबलू अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई भी हैं।
जमुई के चकाई विधानसभा के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सूर्यगढ़ा विधानसभा (लखीसराय) पहुंचे हैं। यहां के सांसद ललन सिंह, सीएम नीतीश जनसभा को संबोधित कर रहे हैं।
बक्सर से महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी संजय तिवारी ने वहां से भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी परशुराम चतुर्वेदी को पेटू व शराबी बता दिया है। परशुराम चतुर्वेदी ने भी इसपर पलटवार करते हुए कहा है कि वे ताे गंगाजल पीते हैं, जो शराब तस्करी करता है, उसे ऐसा कहने का हक नहीं है।
दीपांकर भट्टाचार्य ने जारी किया भाकपा माले का घोषणा पत्र। घोषणा पत्र में शिक्षा में गुणात्मक सुधार, रोजगार और भूमि सुधार को प्राथमिकता दी गई है। युवाओं और मजदूरों का पलायन रोकना, न्यूनतम मजदूरी और मनरेगा में सुधार लाना भी माले की प्राथमिकताओं में है। शिक्षा के निजीकरण पर सख्ती से रोक व स्वास्थ्य सेवा में सुधार लाना भी शामिल। आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविका के मानदेय में सम्मानजनक सुधार को दी प्राथमिकता। बिहार में महिला उत्पीड़न पर सख्ती से रोक लगाने पर भी दिया बल।
महिला आरक्षण पर सीएम ने कहा 'महिलाओं को आरक्षण दिया। हर घर तक बिजली पहुंचा दिया। हर घर तक नल का जल 83 फीसद तक पहुंचाया। घर-घर तक शौचालय का काम भी करीब-करीब पूरा कर लिया है।'
जमुई के चकाई में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुनावी रैली शुरू हो चुकी है। रैली संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा "हमने हर जगह काम किया। बिहार का विकास किया। शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े काम किए। मेडिकल कॉलेज खोले। इंजरनियरिंग कॉलेज खोले।"
मुख्यमंत्री गुरुवार को चार चुनावी सभाएं करेंगे। वे चकाई विधानसभा क्षेत्र के लिए पैरा मटिहान में मध्य विद्यालय मैदान, सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र के अमरपुर में उच्चतर हाई स्कूल के मैदान, बरबीघा विधानसभा क्षेत्र के शेखोपुर सराय स्थित नीमी कॉलेज मैदान तथा पालीगंज विधानसभा क्षेत्र के पालीगंज में हाई स्कूल मैदान में जन सभाओं को संबोधित करेंगे। उनकी पहली जनसभा चकाई विधानसभा क्षेत्र में पूर्वाह्न 11.30 बजे के बाद अब शुरू होने वाली है।
राज्य में तीन दशक बाद एक बार फिर सवर्ण राजनीति लौटती दिख रही है। टिकट बंटवारे में करीब-करीब सभी गठबंधनों ने सवर्णों को तवज्जो दी है। भाजपा ने अपने कोर वोट बैंक सवर्ण व वैश्यों को मिलाकर आधे से अधिक 65 को चुनावी मैदान में उतारा है। इसमें अकेले 50 सवर्ण तो 15 उम्मीदवार वैश्य हैं। सवर्ण उम्मीदवार में 21 क्षत्रिय व 15 ब्रह्मर्षि समाज से हैं।
साल 2015 के चुनावी मैदान में 157 सीटों पर लड़ने वाली भाजपा इस बार भले ही 110 सीटों पर चुनाव लड़ रही है लेकिन इस बार पार्टी ने नए चेहरों पर ही ज्यादा भरोसा जताया है। इस बार एक चौथाई से अधिक 30 उम्मीदवारों को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा गया है।
तीन चरणों में हो रहे चुनाव में भाजपा के पहले चरण में 29 उम्मीदवार हैं। इस चरण में भाजपा ने 7-7 भूमिहार व राजपूत, 4 ब्राह्मण, 3 यादव, 3 अनुसूचित जाति, 1 आदिवासी , 1 वैश्य, 1 बिंद, 1 दांगी और 1 चंद्रवंशी को उम्मीदवार बनाया है। दूसरे चरण में वैश्य चार, भूमिहार पांच, एससी सात, ब्राह्मण चार, यादव आठ, राजपूत 11, कुर्मी-कुशवाहा चार, चौरसिया एक व कायस्थ दो को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, तीसरे चरण में भूमिहार, ब्रह्मण व राजपूत तीन-तीन, एक कायस्थ, पांच अनुसूचित जाति, चार ईबीसी, 10 वैश्य तो छह यादव, कुर्मी व कुशवाहा को मिलाकर 16 पिछड़ों को उम्मीदवार बनाया गया है।
भाजपा ने अपने कोटे की 110 सीटों पर अपने आधार वोट बैंक का ख्याल रखते हुए ही उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी ने अपने कोर वोट बैंक सवर्ण व वैश्यों को मिलाकर आधे से अधिक 65 को चुनावी मैदान में उतारा है। इसमें अकेले 50 सवर्ण तो 15 उम्मीदवार वैश्य हैं। सवर्ण उम्मीदवार में 21 क्षत्रिय व 15 ब्रह्मर्षि समाज से हैं। पार्टी ने मुख्य विपक्षी दल राजद के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए 14 यादवों को भी चुनावी मैदान में उतारा है। हालांकि, पार्टी ने एक भी अल्पसंख्यक उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है।
लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा है कि उनके पिता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने उन्हें बिहार में अकेले चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था। चिराग ने कहा " वे कहते थे अकेले चुनाव लड़ो तभी पार्टी बढ़ेगी। उन्होने कहा था कि अगर तुम्हारी वजह से जो अभी राज्य का मुख्य मंत्री है वह फिर से अगले पांच साल के लिए सीएम बन जाता है तो, अगले 10 साल बाद तुम्हें पछतावा होगा कि तुम्हारी वजह से बिहार की यह हालत है।"
सहरसा से आलोक रंजन झा, दरभंगा से संजय सरावगी, हायाघाट से रामचंद्र साह, केवटी से मुरारी मोहन झा, जाले से जीवेश कुमार, औराई से राम सूरत राय, कुढ़नी से केदार गुप्ता, मुजफ्फरपुर से सुरेश कुमार शर्मा, पाटेपुर(एससी) सीट से लखिंदर पासवान को मौका मिला है।
बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय की ओर से जारी सूचना के मुताबिक पार्टी ने रामनगर (एससी) सीट से विधायक भागीरथी देवी को फिर पार्टी ने चुनाव मैदान में उतारा है। नरकटियागंज से रश्मि वर्मा, परिहार से गायत्री देवी, किशनगंज से स्वीटी सिंह, प्राणपुर से निशा सिंह, कोढ़ा (एससी) से कविता पासवान को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है।
पूर्व सीएम अब्दुल गफूर के पोते आसिफ गफूर को गोपालगंज से प्रत्याशी बनाया गया है। पूर्व सांसद कीर्ति आजाद के साले मिथिलेश चौधरी को बेनीपुर से टिकट मिला है।
कांग्रेस ने बुधवार काे 24 उम्मीदवारों का नाम तय कर अधिसंख्य को देर रात सिम्बल भी दे दिया है। रात सवा 11 बजे प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा दोनों बिहार सह प्रभारियों अजय कपूर और वीरेन्द्र राठौर के साथ पटना पहुंचे और प्रत्याशियों को सिंबल बांटा।