बैंगलोर यूनिवर्सिटी ने सड़कों हादसों को रोकने और कैंपस को सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। संस्थान के कुलपति प्रोफेसर डॉ जयकारा एसएम ने परिसर के अंदर वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए एक फ्लाईओवर और एक दीवार का प्रस्ताव दिया है। रोड एक्सीटडेंट में एक छात्र की मौत के बाद यूनिवर्सिटी ने यह निर्णय लिया है।

द इंडियन एक्सप्रेस को जयकारा एसएम ने बताया कि एक टेक्नीकल टीम फ्लाईओवर बनाने के लिए एक “निश्चित कार्य योजना” पर काम कर रही है। इस टीम में यूनिवर्सिटी के सिविल इंजीनियरिंग के छात्र शामिल हैं। यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर यातायात को आसान बनाने के लिए इस फ्लाईओवर के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने कहा, “ज्ञान भारती मेट्रो स्टेशन से उल्लाल निकास द्वार के बीच एक फ्लाईओवर की योजना बनाई जा रही है क्योंकि यह वह जगह है जहां भारी वाहनों की आवाजाही देखी जाती है।”

उन्होंने कहा कि वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए परिसर की सीमा पर एक दीवार भी बनाई जाएगी, जहां से कुछ प्रमुख सड़कें होकर गुजरती हैं। कुलपति ने कहा कि हम तकनीकी टीम से परामर्श करेंगे और एक उपयुक्त प्रस्ताव लेकर आएंगे जो सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य योजना को लागू करने में निश्चित रूप से थोड़ा समय लगेगा। परिसर में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की कार्य योजना पर चर्चा के लिए कुलपति सोमवार (31 अक्टूबर, 2022) को सिंडिकेट की बैठक करेंगे।

12 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी की बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (बीएमटीसी) और पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई थी। इसमें सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और परिसर में सख्त यातायात नियमों को लागू करने का फैसला लिया गया था। वहीं, वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए अधिक बैरिकेड्स लगाए गए हैं। नगरभवी और मरियप्पनपाल्य के गेट भी रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद किए जा रहे हैं। वहीं, इन इलाकों की ओर से कहा गया कि परिसर में वाहनों की आवाजाही बंद होने से आवश्यक वस्तुओं और चिकित्सा आपात स्थितियों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न करेगी।

बता दें कि 10 अक्टूबर को 23 वर्षीय शिल्पा श्री का विश्वविद्यालय के ज्ञान भारती परिसर में बीएमटीसी की बस से एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें बस के नीचे कुचलने से उनकी मौत हो गई थी। वह गणित की स्नातकोत्तर छात्रा थीं। वह बीएमटीसी की बस में चढ़ने की कोशिश कर रही थीं। बन्नेरघट्टा रोड के फोर्टिस अस्पताल में 23 अक्टूबर को उसकी मृत्यु हो गई। कोलार जिले के बांगरपेट की रहने वाली शिल्पा विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहती थीं।