दिल्ली के एक होटल में गत दिनों खुले आम असलहा लहराने के मामले पर पुलिस प्रशासन हरकत में आ गई है। एसएसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने जिले के सभी होटल और रेस्तरां में हथियार ले जाने पर रोक लगा दी है। होटल और रेस्तरां संचालकों को ऐसे लोगों पर खास निगाह के निर्देश भी जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई हथियार लेकर आता है और कर्मचारियों के रोकने पर भी नहीं रुकता है, तब उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सनद रहे कि दिल्ली के हयात होटल में बसपा के पूर्व सांसद का बेटा आशीष पांडे खुलेआम असलहा लहराने को लेकर सुर्खियों में आया था। गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने आशीष पांडे को गिरफ्तार किया। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 200 से अधिक होटल एवं रेस्तरां हैं। साथ ही लाइसेंसी हथियार रखने वालों की भी संख्या काफी ज्यादा है। कई बार शादी समारोह या झगड़ा होने पर हथियार लहराने या गोली चलाने के भी मामले सामने आ चुके हैं। दिल्ली की घटना के चलते गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने एहतियातन कदम उठाया है। एसएसपी के मुताबिक सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों को प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। सभी थानों को खुले में हथियारों का प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
विदेशी नागरिकों को छूट का लालच दे करते थे ठगी, गिरफ्तार
सेक्टर- 63 के डी ब्लाक साइबर सेल ने गुरुवार को छापेमारी की। इस दौरान कनाडा नागरिकों को कर में छूट देने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि उसके पांच साथी फरार हो गए। आरोपी की पहचान शाहदरा के रहने वाले साहिल वर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने बड़ी संख्या में सीपीयू, राउटर, डी लिंक डिवाइस, लैपटॉप और मोबाइल बरामद किए हैं। साइबर अपराध शाखा के इंस्पेक्टर मोहम्मद जहीर खान ने बताया कि आरोपी ने पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर सेक्टर-63 में फर्जी कॉल सेंटर खोल रखा था। जहां से पिछले एक साल से विदेशी नागरिकों को छूट का झांसा देकर धोखाधड़ी कर रहे थे।
आरोपियों को कनाडा समेत कई देशों के कर नियमों के बारे में काफी जानकारी थी। वे विदेशी नागरिकों को इंटरनेट कॉल करते थे। जिस देश के नागरिक से बात करते थे, उस देश की भाषा में बात कर खुद को वहीं का नागरिक बताते थे। आरोपी विदेशी नागरिकों को भरोसे में लेकर, उन्हें कर में लाखों की छूट दिलाने का फायदा उठाते थे। इतना ही नहीं, कमीशन की एवज में रुपए अपने खातों में हस्तांतरित तक करा लेते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने एक साल के दौरान सैकड़ों लोगों के साथ धोखाधड़ी कर लाखों रुपए का चूना लगाया है।

