दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने तेलंगाना विधानसभा की सभी 119 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का एलान किया है। पार्टी ने सूबे की तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) सरकार और इसके मुखिया के चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर जनता से किए वादे पूरा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है।‘आप’ के विधायक और तेलंगाना के प्रभारी सोमनाथ भारती ने शुक्रवार को राजधानी में संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि पार्टी ने तेलंगाना विधानसभा के आगामी चुनाव में सभी सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि 6 सितंबर 2018 को तेलंगाना सरकार ने घबराहट में हार के डर से, चुनाव की तय सीमा से 6 महीने पहले ही सरकार बर्खास्त कर दी। उन्होंने कहा कि गांव-गांव तक यह बात सब लोग जान चुके हैं कि केसीआर ने तेलंगाना की जनता से जो वादे किए और जिन सपनों को लेकर तेलंगाना एक अलग राज्य बना, वो सभी सपने केवल सपने ही रह गए।
भारती ने बताया कि ‘आप’ ने तेलंगाना में जो सर्वे कराए, उससे एक बात सामने आई कि जिस तरह से ‘आप’ ने दिल्ली की जनता को एक विकल्प बनकर विकास की राजनीति दी, वही विकास की राजनीति तेलंगाना की जनता भी चाहती है। इसी के मद्देनजर आम आदमी पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि तेलंगाना की सभी सीटों पर वह अपने उम्मीदवार उतारेगी।
‘आप’ नेता ने कहा कि एक तरफ तेलंगाना में टीआरएस चुनाव लड़ रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस, टीडीपी और टीजेएस का गठबंधन हो रहा है। इसके अलावा एक और गठबंधन बीएलएफ बनकर उभरा है जिसमें सीपीएम सहित 28 दल हैं।
इस राजनीतिक समीकरण से परे आम आदमी पार्टी ने तेलंगाना में अकेले ही सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आम आदमी पार्टी ने दिल्ली और पंजाब में चुनाव लड़ा, उसी तरह तेलंगाना में भी अच्छी छवि वाले व्यक्तियों को सभी 119 सीटों पर उम्मीदवार बनाकर उतारेंगे और जिस तरह से दिल्ली में एक सकरात्मक राजनीति हो रही है, उसी किस्म की सियासत तेलंगाना में भी करेंगे।
