गोवा में जारी मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान लगभग 90,000 मतदाताओं के मामले में गड़बड़ियां पाई गई हैं। ये मतदाता गैर हाजिर, ट्रांसफर, मृत या डुप्लिकेट वोटर कार्ड रखने वाले पाए गए हैं।
गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) संजय गोयल ने पणजी में संवाददाताओं को बताया कि चार नवंबर को एसआईआर की शुरुआत के वक्त उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, गोवा में कुल 11,85,000 मतदाता थे।
गोयल ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर शुरू किए जाने के बाद 10,55,000 फॉर्म भरे गए, इनमें से 96.5 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए गए हैं और आयोग को मिल चुके हैं।
RSS से जुड़े संगठन ने एसआईआर के काम में लगे बीएलओ की मौत का मुद्दा उठाया
गोयल ने कहा, ”90,000 मतदाताओं को गैर हाजिर, ट्रांसफर, मृत या डुप्लिकेट की कैटेगरी में रखा गया है।” उन्होंने कहा कि लगभग 40,000 फॉर्म अभी भी आयोग के पास जमा होने बाकी हैं।
उन्होंने बताया कि 2,20,000 मतदाता ऐसे हैं जो अपने माता-पिता के साथ 2002 की एसआईआर मैपिंग के दौरान नहीं मिले थे। इन मतदाताओं को जरूरी फॉर्म भरकर अपने दस्तावेज जमा करने होंगे। सहायक रिटर्निंग अधिकारी उनके मामलों की सुनवाई करेंगे और ये ही तय करेंगे कि उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है या नहीं।
चुनाव आयोग ने एसआईआर का समय बढ़ाया
इस बीच, चुनाव आयोग ने नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में जारी एसआईआर प्रक्रिया के पूरे कार्यक्रम को रविवार को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया। आयोग ने यह कदम विपक्षी दलों के तमाम आरोपों के बीच उठाया है। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि वक्त कम होने की वजह से एसआईआर के काम में लगे लोगों को मुश्किल पैदा हो रही है।
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा है कि गणना प्रपत्र अब चार दिसंबर के बजाय 11 दिसंबर तक बांटे जाएंगे और अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।
एसआईआर के काम में बीजेपी-आरएसएस से जुड़े लोगों को बना दिया सहयोगी
