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नींद सिर्फ इंसानों की जरूरत नहीं है। जानवरों की दुनिया में भी आराम उतना ही जरूरी है, लेकिन उनके सोने के तरीके अक्सर हमें हैरान कर देते हैं। कोई उल्टा लटककर सोता है, कोई खड़े-खड़े झपकी ले लेता है, तो कोई आधा दिमाग जगाकर आराम करता है। ये अजीब लगने वाली आदतें दरअसल प्रकृति की बेहद समझदार डिजाइन हैं, जो सुरक्षा, ऊर्जा बचत और जिंदा रहने से जुड़ी हैं। (Photo Source: Pexels)
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उल्टा सोने वाले चमगादड़
चमगादड़ अक्सर गुफाओं या पेड़ों से उल्टा लटककर सोते हैं। इसका कारण बेहद व्यावहारिक है। उड़ान भरने के लिए उन्हें जमीन से उछलने की जरूरत नहीं होती, बस शरीर ढीला करना होता है और वो उड़ान भर लेते हैं। खतरे की स्थिति में यह तरीका उन्हें तुरंत बच निकलने में मदद करता है। (Photo Source: Pexels) -
सुस्त हो जाती मधुमक्खियां
मधुमक्खियां पूरी तरह हमारी तरह नहीं सोतीं, लेकिन आराम की स्थिति में उनकी गतिविधियां धीमी हो जाती हैं और बाहरी चीजों पर प्रतिक्रिया कम हो जाती है। (Photo Source: Pexels) -
एक पैर पर झपकी लेते फ्लेमिंगो
फ्लेमिंगो को अक्सर एक पैर पर खड़े होकर सोते देखा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इससे उनके शरीर की गर्मी कम खर्च होती है और मांसपेशियों पर जोर नहीं पड़ता। ठंडे पानी में खड़े रहकर भी वे ऊर्जा बचा पाते हैं। उनका शरीर संतुलन खुद संभाल लेता है, बिना ज्यादा ऊर्जा खर्च किए। (Photo Source: Pexels) -
छोटी-छोटी झपकियां लेते जिराफ
लंबी गर्दन वाले जिराफ गहरी नींद में ज्यादा देर नहीं रहते। वे दिन में कई बार कुछ मिनटों की झपकी लेते हैं। खुले मैदानों में रहने के कारण यह सतर्कता उनके लिए जरूरी है। जमीन पर लेटना उनके लिए खतरे से भरा हो सकता है, इसलिए नींद भी वे सतर्कता के साथ लेते हैं। (Photo Source: Pexels) -
गेंद बनकर सोते हेजहॉग
हेजहॉग सोते समय खुद को एक कसी हुई गेंद में बदल लेते हैं।यह मुद्रा उन्हें ठंड से बचाती है और शिकारियों के लिए उन्हें पकड़ना मुश्किल बना देती है। कांटों की यह ढाल नींद के दौरान सुरक्षा कवच बन जाती है। (Photo Source: Pexels) -
खड़े-खड़े सोते घोड़े
घोड़े अक्सर खड़े-खड़े ही झपकी ले लेते हैं। उनके पैरों में एक प्राकृतिक ‘लॉकिंग सिस्टम’ होता है, जो उन्हें गिरने से बचाता है। खुले मैदानों में रहने वाले घोड़ों के लिए यह तरीका खतरे से जल्दी भागने में मददगार है। (Photo Source: Pexels) -
आराम से पसरे तेंदुए
तेंदुए अक्सर पेड़ों की डालियों या चट्टानों पर अपने अंग फैलाकर सोते हैं। उनकी यह ढीली-ढाली मुद्रा दिखाती है कि वे अपने इलाके में खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं। यह मुद्रा दिखने में आरामदायक है, लेकिन ऊंचाई उन्हें दुश्मनों से सुरक्षित रखती है। (Photo Source: Pexels) -
चलते-चलते आराम करते शार्क
कुछ शार्क प्रजातियां पूरी तरह रुककर सो नहीं सकतीं। उन्हें सांस लेने के लिए पानी का बहाव चाहिए, इसलिए वे हल्की गति में तैरते हुए आराम करती हैं। पानी का बहाव उनके गलफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाता रहता है, इसलिए उन्हें पूरी तरह रुकने की जरूरत नहीं होती। यह नींद से ज्यादा ‘रेस्ट मोड’ होता है। (Photo Source: Pexels) -
लटके रहते सुस्त स्लॉथ
स्लॉथ पेड़ों से लटककर सोते हैं और घंटों तक हिलते-डुलते नहीं। उउनकी धीमी लाइफस्टाइल और यह नींद का तरीका ऊर्जा की बचत करता है और उन्हें जमीन के खतरों से दूर रखता है। कम हरकत, कम खर्च, और सुरक्षित नींद भी। (Photo Source: Pexels) -
मकड़ियां भी कर देती हैं प्रतिक्रिया कम
मधुमक्खियों की तरह मकड़ियां भी गहरी नींद नहीं लेतीं, लेकिन जब उनकी गतिविधि और प्रतिक्रिया कम हो जाती है, तो इसे आराम की अवस्था माना जाता है। यह उनके लिए पर्याप्त होता है। (Photo Source: Pexels) -
पानी में झूलते वालरस
वालरस पानी में तैरते हुए, ऊपर-नीचे हिलते हुए सो जाते हैं, मानो नींद में झूल रहे हों। इससे वे ठंडे पानी में भी ऊर्जा बचा पाते हैं। कभी-कभी वे अपने दांतों से बर्फ पकड़कर भी झपकी ले लेते हैं, ताकि बह न जाएं। (Photo Source: Pexels) -
आधा दिमाग सोती व्हेल
व्हेल्स की नींद सबसे अनोखी मानी जाती है। वे एक समय में अपने दिमाग का सिर्फ आधा हिस्सा सुलाती हैं। दूसरा हिस्सा सतर्क रहता है, ताकि वे पानी की सतह पर आकर सांस ले सकें और शिकारियों से बच सकें। दरअसल, उन्हें सांस लेने के लिए सतह पर आना पड़ता है, इस तरह वे आराम भी कर लेती हैं और खतरे से सतर्क भी रहती हैं। (Photo Source: Pexels) -
नींद भी है एक जरूरी रणनीति
जानवरों के ये अनोखे सोने के तरीके भले ही प्यारे या अजीब लगें, लेकिन हर मुद्रा के पीछे सुरक्षा, ऊर्जा और जीवन को बचाने की ठोस वजह है। प्रकृति ने हर जीव को उसकी जरूरत के मुताबिक आराम करने का तरीका दिया है, जो दिखाता है कि यहां कुछ भी बेवजह नहीं होता। (Photo Source: Pexels)
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