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भारत में मुगलों ने 300 साल से अधिक समय तक राज किया। हिंदुस्तान में मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने की थी। मुगल साम्राज्य को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं लेकिन एक मुगल बादशाह को लोग पंडित कहते थे। आइए जानते हैं कौन हैं और किसने उनके सिर को काट कर पूरी दिल्ली में घुमाया था। (Photo: Microsoft bing AI Image)
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दरअसल, हम बात कर रहे हैं दारा शिकोह की जिन्हें कई मुगल दरबारी पंडित जी कहते थे। दारा शिकोह मुगल साम्राज्य के 5वें बादशाह शाहजहां के बड़े बेटे थे। (Photo: Microsoft bing AI Image)
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दारा शिकोह का राजनीति से ज्यादा लगाव नहीं रहा। उन्होंने इस्लाम के अलावा कई अन्य धर्मों की पढ़ाई की खासतौर से हिंदू धर्म से जुड़े ग्रंथों को उन्होंने बड़ी ही गहराई से पढ़ा। (Photo: Microsoft bing AI Image)
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दारा शिकोह ने उपनिषद और अन्य हिंदू धार्मिक शास्त्रों की पढ़ाई की। सिर्फ इतना ही नहीं कई हिंदू धर्म ग्रंथों को दारा शिकोह ने फारसी भाषा में अनुवाद भी करवाया। उनके इस काम से कई मुस्लिम धार्मिक गुरु नाराज हुएं। (Photo: Pinterest) मराठा योद्धाओं का वो हथियार जिसे देख मुगल भी खाते थे खौफ, शिवाजी महाराज हमेशा रखते थे अपने पास
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जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों में उन्हें लेकर नाराजगी थी तो वहीं, हिंदुओं के वो करीब आते गए। इसी के चलते लोग उन्हें पंडित जी कहते थे। (Photo: Microsoft bing AI Image)
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दारा शिकोह को सत्ता में कोई दिलचस्पी थी लेकिन इसके बाद भी उनकी बुद्धिमता को देखते हुए शाहजहां उन्हें राजा बनाना चाहते थे। (Photo: Pinterest)
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शाहजहां के इस फैसले से उनके छोटे बेटे औरंगजेब खुश नहीं थे। उन्हें ऐसा लगा कि दारा शिकोह अगर राजा बन गए तो इस्लाम धर्म खतरे में आ जाएगा। (Photo: Microsoft bing AI Image)
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दारा शिकोह का मानना था कि एक ज्ञान के लिए सबसे जरूरी बात ये है कि सत्य की तलाश। दारा ने हिंदू और मुस्लिम धर्मों के एक साथ होने के मजमा उल बहरीन (दो समुद्रों का मिलना) नाम दिया था। (Photo: Pinterest)
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उनकी इस समझ और बुद्धिमानी से उनके पिता शाहजहां उनसे प्रभावित थे। उन्हें लगता था कि दारा शिकोह ने हिंदुस्तान को जान लिया है और वो शासन चलाने के लिए बेहतर साबित होंगे। (Photo: Pinterest) दुनिया की सबसे छोटी जंग, सिर्फ 38 मिनट में ही हो गया था सब तबाह
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इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि अगर औरंगजेब की जगह दारा शिकोह मुगल सल्तनत के बादशाह बनते तो देश की स्थिति बिल्कुल अलग होती। (Photo: Pinterest)
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दारा शिकोह का हिंदुत्व से लगाव उनके छोटे भाई औरंगजेब का खलता था। सन 1658 में सामूगढ़ की लड़ाई में जब दारा शिकोह हार गए तो उन्होंने अफगानिस्तान के दादर में शरण मांगी। लेकिन यहां उन्हें धोखा मिला और औरंगजेब के कहने पर उन्हें जंजीरों में बांधकर कलंकित करके शाही राजधानी की गलियों में एक हाथी के ऊपर बिठा कर घुमाया गया। (Photo: Microsoft bing AI Image)
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फ्रेंच इतिहासकार फ्रांसुआ बर्नियर ने अपनी किबात ‘ट्रेवल्स इन द मुगल इंडिया’ में लिखा है कि दारा को एक छोटी हथिनी की पीठ पर बिना ढके हुए हौदे पर बैठाया गया। उनके पीछे दूसरे हाथी पर उनका 14 साल का बेटा सिफिर शिकोह को बैठाया गया। दोनों के ठीक पीछे नंगी तलवार लिए औरंगजेब का गुलाम नजरबेग था जिसे हुक्म था कि अगर दारा भागे तो उनका सिर धड़ से अलग कर दिया जाए। (Photo: Microsoft bing AI Image)
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दारा शिकोह को पढ़े कपड़ों में उन शाही जगहों पर घुमाया गया जहां उनकी तूती बोलती थी। उसके एक दिन बाद औरंगजेब ने दरबार में दारा शिकोह के मौत का फरमान जारी कर दिया। (Photo: theheritagelab)
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उनपर इस्लाम का विरोध करने का आरोप लगाया गया। औरंगजेब ने नजरबेग को दारा शिकोह का सिर कलम करने का हुक्म दिया। इसके बाद औरंगजेब ने हुक्म दिया कि दारा शिकोह के सिर को पूरी दिल्ली में घुमाया जाय। (Photo: Pinterest)
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औरंगजेब ने न सिर्फ दारा शिकोह बल्कि अपने पिता शाहजहां को भी बंदी बना लिया था। शाहजहां करीब आठ साल तक बंदी रहे और इसी दौरान उनकी मौत हुई। (Photo: mfa.org) दुनिया का एक ऐसा भी देश है जहां पर लोग भारी संख्या में कुत्तों का मांस खाते हैं। इस देश में कुत्तों के मांस का उद्योग काफी बड़ा है।