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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 5 जनवरी को कुछ नकाबपोश बदमाशों ने छात्रों और यूनिवर्सिटी स्टाफ पर हमला बोल दिया था। इस हमले में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष के साथ ही करीब 30 लोग घायल हुए थे। इस हिंसा के खिलाफ जेएनयू छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इन लोगों के समर्थन में जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार भी खड़े हो गए हैं। कन्हैया छात्रों के साथ मंच से केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं।
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मोदी सरकार पर हमलावर रुख अख्तियार करते हुए कन्हैया ने गुरुवार को कहा कि, 'JNU को गाली देकर और आरोप लगाकर देश की समस्या खत्म नहीं होगी। यह लोग लापता नजीब अहमद को नहीं ढूंढ पाए लेकिन JNU से 3000 कंडोम ढूंढ लिए। पता नहीं उन्होंने इसे गिना कैसे होगा।'
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बता दें कि नजीब अहमद अक्टूबर 2016 से लापता है। दो साल की जांच के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं है। CBI ने मामले की जांच की और उसके बारे में कुछ भी पता नहीं चलने पर केस बंद कर दिया।
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कन्हैया मंच से प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर जमकर निशान साध रहे हैं। कन्हैया ने यह भी कहा, 'आप सरकारी बंगले में रहते हैं, सरकारी कार चलाते हैं, सरकारी हवाई जहाजों में उड़ान भरते हैं लेकिन आपको सरकारी इंस्टीट्यूट्स जैसे JNU नहीं चाहिए। आपको जियो इंस्टीट्यूट चाहिए। ये विश्वासघात है। आप सरकार हैं और ये आपकी जिम्मेदारी है कि JNU जैसे इंस्टीट्यूट को सही तरीके से चलाएं।'
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वहीं जेएनयू छात्रों को टुकड़े-टुकड़े गैंग कहे जाने का पलटवार करते हुए कन्हैना ने कहा कि हम तो जेएनयू में मेरिट के आधार पर आते हैं। लेकिन अमित शाह के बेटे का कौन सा मेरिट है कि उन्हें बीसीसीआई का सेक्रेटरी बना दिया गया है।
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जेएनयू में कन्हैया ने पुलिसवालों पर तंज कसते हुए कहा कि जेएनयू ने हमें ये ताकत दी है कि जिसका आपलोग हुक्म बजाते हो उसे हम लोग आंख दिखाते हैं और सवाल पूछते हैं।