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पालतू कुत्तों को परिवार का सदस्य माना जाता है। कई लोग उन्हें अपने बेड पर सुलाना पसंद करते हैं, तो कुछ इसे गलत आदत मानते हैं। लेकिन हालिया स्टडीज और एक्सपर्ट्स के एनालिसिस में एक दिलचस्प दावा सामने आया है, जो कुत्ते अपने मालिक के साथ बेड पर सोते हैं, उनकी उम्र 4–6 साल तक ज्यादा हो सकती है। आखिर इसके पीछे क्या साइंस है? आइए समझते हैं। (Photo Source: Pexels)
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बेड पर सोना और ऑक्सिटोसिन का कनेक्शन
रिसर्च के अनुसार, जब कुत्ता बेड पर मालिक के पास पेट के बल (belly exposed) सोता है, तो यह उसकी सबसे सुरक्षित अवस्था होती है। इसका मतलब है कि वह खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहा है। इस स्थिति में कुत्ते के शरीर में ऑक्सिटोसिन नामक हार्मोन का गहरा स्राव होता है। (Photo Source: Pexels) -
ऑक्सिटोसिन को बॉन्डिंग हार्मोन कहा जाता है, जो तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल को कम करता है, कोशिकाओं (cells) में होने वाले तनाव को घटाता है, शरीर में रिपेयर और रिकवरी प्रोसेस को बेहतर बनाता है। रिसर्चर्स का मानना है कि यही प्रक्रिया कुत्तों की सेलुलर एजिंग (cellular aging) को धीमा कर देती है। (Photo Source: Pexels)
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मालिक और कुत्ते, दोनों को मिलता है फायदा
Mayo Clinic Proceedings और Taylor & Francis Online से जुड़े शोधकर्ताओं के अनुसार, बेड पर कुत्ते की मौजूदगी मालिक को भी मानसिक रूप से आराम देती है। कुत्ते के पास होने से सिक्योरिटी और कंफर्ट की भावना बढ़ती है, तनाव कम होता है, और कई लोगों को बेहतर नींद आती है। (Photo Source: Pexels) -
Sleep Foundation के मुताबिक, कुत्ते को सहलाने या उसके पास रहने से भी ऑक्सिटोसिन रिलीज होता है, जो weighted blanket या गले लगाने जैसा सुकून देता है। (Photo Source: Pexels)
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लेकिन क्या कुत्ता बेड पर सोना हमेशा सही है?
एक दूसरा पहलू भी है। Sleep Foundation और Rubyloo जैसी संस्थाओं का कहना है कि कुछ कुत्ते रात में ज्यादा हिलते-डुलते हैं, इससे मालिक की नींद डिस्टर्ब हो सकती है। हल्की नींद वालों के लिए यह आदत नुकसानदेह हो सकती है, इसलिए यह पूरी तरह व्यक्ति और कुत्ते के स्वभाव पर निर्भर करता है। (Photo Source: Pexels) -
सिर्फ प्यार नहीं, सही पोषण भी है जरूरी
रिसर्च में यह भी सामने आया कि सिर्फ सुरक्षित महसूस करना काफी नहीं है। कुत्ते के शरीर को रिपेयर और स्लो एजिंग के लिए सही न्यूट्रिशन चाहिए। ज्यादातर कमर्शियल किबल बहुत ज्यादा तापमान पर पकाया जाता है। इससे कई जरूरी प्लांट-बेस्ड न्यूट्रिएंट्स नष्ट हो जाते हैं। (Photo Source: Pexels) -
न्यूट्रिशन की कमी से एजिंग फिर तेज हो सकती है। ऐसे कुत्तों में बालों की चमक कम होना, कम एनर्जी, जोड़ों में अकड़न, और सांसों की बदबू जैसे लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं। अक्सर मालिक इसे उम्र का असर मान लेते हैं, जबकि असल वजह न्यूट्रिशनल गैप्स होते हैं। (Photo Source: Pexels)
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ग्रीन्स सप्लीमेंट क्यों हो सकता है मददगार?
कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किबल के साथ ग्रीन्स सप्लीमेंट जोड़ने से इन कमियों को पूरा किया जा सकता है। जैसे गट हेल्थ के लिए स्पिरुलिना, जोड़ों और सूजन के लिए हल्दी, और सांसों की बदबू और डिटॉक्स के लिए पार्सले। हालांकि, किसी भी सप्लीमेंट को देने से पहले वेटरनरी एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है। (Photo Source: Pexels)
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