-

सावन का पवित्र महीना 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। धार्मिक मान्यताएं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। पूरे सावन में शिव भक्त भगवान शंकर की पूजा-आराधना करते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। (PTI)
-
शास्त्रों के अनुसार भगवान शंकर को मात्र एक लोटा जल और बेलपत्र अर्पित करके प्रसन्न किया जा सकता है। हिंदू धर्म में गंगाजल का भी विशेष महत्व है। (Indian Express)
-
किसी भी पूजा या फिर धार्मिक अनुष्ठान से पहले गंगाजल से उस स्थान को पवित्र किया जाता है। सावन में गंगाजल का महत्व और भी ज्यादा खास हो जाता है। (Indian Express)
-
सावन में शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस पावन महीने में गंगाजल से जुड़ी कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए। (Indian Express)
-
1- प्लास्टिक-बोलत का इस्तेमाल
काफी लोग शिवलिंग पर प्लास्टिक या फिर बोतल से भी गंगाजल चढ़ाते हैं। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर सावन के महीने में हमेशा गंगाजल तांबे के पात्र में चढ़ाना चाहिए। (Indian Express) -
2- स्थान
घर में गंगाजल को हमेशा शुद्ध स्थान पर रखना चाहिए और साथ ही उस जगह की साफ सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए। (Indian Express) -
3- ऐसे लोग न छुए गंगाजल
कभी भी गंगाजल को गंदे हाथों से नहीं छूना चाहिए। इसके साथ ही जिस घर में गंगाजल हो उसके सदस्यों को मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। (Indian Express) -
4- याहां भूलकर भी न रखें गंगाजल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगाजल को अंधेरे कमरे या फिर कोने में नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। (Indian Express) -
5- इस वक्त न करें गंगाजल का इस्तेमाल
घर में अगर किसी की मृत्यु हो जाए या फिर बच्चे का जन्म हुआ हो तो भी सूतक काल में गंगाजल को नहीं छूना चाहिए। (Indian Express) -
गंगाजल रखने का सही दिशा
मान्यताओं के अनुसार गंगाजल को घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व कोना) में रखना चाहिए। मान्यता है कि इस कोण में देवताओं का वास होता है। (Indian Express)