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बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ का राजनीति में एंट्री का चलन नया नहीं है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ये चलन बढ़ा है। सेलेब्स की फैन फॉलोइंग और लोकप्रियता को लगभग हर राजनीतिक पार्टी भुनाने की कोशिश करती है। सुनील दत्त, शत्रुघ्न सिन्हा, स्मृति ईरानी , हेमा मालिनी आदि कुछ ऐसे नाम हैं जो राजनीति में बेहद सफ़ल माने जाते है। लेकिन कुछ ऐसे बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ भी हैं जिन्होंने राजनीति में कदम तो रखा लेकिन या तो लोगों ने उन्हें नहीं अपनाया या फिर उन्हें है राजनीति रास नहीं आई:
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अमिताभ बच्चन – 1984 में बिग बी कांग्रेस की तरफ़ से इलाहाबाद सीट के लिए चुनाव लडे और जीते भी, लेकिन राजनीति उन्हें रास नहीं आई और 3 सालों बाद ही उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया।
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धर्मेंद्र – साल 2004 में बीकानेर से बीजेपी सांसद रहे लेकिन कार्यकाल में लोग नहीं थे खुश, इसके बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली।
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गोविन्दा – 2004 में कांग्रेस से चुनाव लड़े और जीते लेकिन लोगों में इनके काम के प्रति नाराज़गी को देखते हुए पार्टी ने अगली बार इन्हें टिकट नहीं दिया और उनका राजनीतिक सफ़र वहीं ख़त्म हो गया।
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संजय दत्त ने समाजवादी पार्टी के बैनर तले अपनी राजनीतिक पारी शुरू की थी। लेकिन कुछ समय बाद ही उनका राजनीति से मोहभंग हो गया।
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उर्मिला मातोंडकर – 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तरी मुंबई सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ी, हार के बाद 5 महीने में ही उन्होंने राजनीति छोड़ दी।
जावेद जाफरी – अर्थ , सलाम नमस्ते, 3 इडियट्स जैसी फिल्मों में काम कर चुके जावेद जाफरी 2014 में आम आदमी पार्टी के टिकट से लखनऊ सीट के लिए चुनाव लडे, लेकिन हार गए। राजपाल यादव – यूपी विधान सभा चुनाव 2017 में मशहूर कॉमेडियन राजपाल ने अपनी पार्टी , “ सर्व संभाव पार्टी” बनाई लेकिन लोगों ने उन्हें ज़्यादा समर्थन नहीं दिया। -
गुल पनाग – मॉडल, अभिनेत्री, प्रोड्यूसर और एक्टिविस्ट रहीं गुल पनाग ने 2014 में आम आदमी पार्टी के तरफ़ से चंडीगढ़ का चुनाव लडा, लेकिन वो हार गई। राजनीति से संन्यास के बाद फिर से एक्टिंग में एक्टिव हो गई हैं।