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हम रोज जो खाना खाते हैं, उसके बारे में हमें लगता है कि हम सब कुछ जानते हैं। लेकिन सच यह है कि खाने की दुनिया रहस्यों और रोचक तथ्यों से भरी हुई है। कुछ फूड फैक्ट्स ऐसे हैं जो सुनने में झूठ जैसे लगते हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह सच हैं। आइए जानते हैं खाने से जुड़े ऐसे ही कुछ अविश्वसनीय लेकिन सच फूड फैक्ट्स। (Photo Source: Pexels)
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स्ट्रॉबेरी पहले लाल नहीं, सफेद हुआ करती थीं
आज जो लाल स्ट्रॉबेरी हम देखते हैं, वे असल में क्रॉस-ब्रीडिंग का नतीजा हैं। शुरुआत में स्ट्रॉबेरी सफेद रंग की होती थीं। बाद में यूरोप और अमेरिका में अलग-अलग किस्मों को मिलाकर लाल स्ट्रॉबेरी विकसित की गई। (Photo Source: Pexels) -
गाजर कभी बैंगनी रंग की हुआ करती थी
आपको जानकर हैरानी होगी कि गाजर का असली रंग नारंगी नहीं था। शुरुआती गाजर बैंगनी और पीले रंग की होती थीं। 17वीं सदी में नीदरलैंड्स में नारंगी गाजर विकसित की गई, जो आज सबसे ज़्यादा प्रचलित है। (Photo Source: Pexels) -
शहद कभी खराब नहीं होता
शहद एक ऐसा प्राकृतिक खाद्य पदार्थ है जो कभी एक्सपायर नहीं होता। मिस्र के पिरामिडों में हज़ारों साल पुराना शहद आज भी खाने लायक पाया गया है। इसकी वजह है शहद में मौजूद कम नमी और एंटी-बैक्टीरियल गुण। (Photo Source: Pexels) -
दुनिया में सबसे ज्यादा चोरी होने वाला खाना है पनीर
आप सोच रहे होंगे चॉकलेट या कॉफी, लेकिन असल में दुनिया भर में सबसे ज्यादा चोरी चीज (Cheese) की होती है। इसकी ऊंची कीमत और डिमांड इसकी वजह मानी जाती है। (Photo Source: Pexels) -
सेब, सुबह कैफीन से बेहतर ब्रेन स्टिमुलेटर है
एक ताजा सेब सुबह के समय दिमाग को कैफीन से ज्यादा एक्टिव कर सकता है। सेब में मौजूद प्राकृतिक शुगर और फाइबर शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं, जिससे आलस कम होता है। (Photo Source: Pexels) -
केचप कभी दवा के रूप में बेचा जाता था
18वीं सदी में केचप को पेट की बीमारियों के इलाज के लिए दवा की तरह बेचा जाता था। बाद में इसका स्वाद और उपयोग बदलता गया और आज यह सबसे लोकप्रिय सॉस बन चुका है। (Photo Source: Pexels) -
मूंगफली असल में नट नहीं है
नाम भले ही ‘पीनट’ हो, लेकिन मूंगफली नट नहीं बल्कि लेग्यूम (दालों के परिवार) से संबंध रखती है। बादाम और अखरोट पेड़ पर उगते हैं, जबकि मूंगफली ज़मीन के अंदर उगती है। (Photo Source: Pexels) -
तीखा खाना दर्द के रिसेप्टर्स को एक्टिव करता है
जब आप मिर्च खाते हैं, तो वह स्वाद नहीं बल्कि दर्द का एहसास पैदा करती है। कैप्सेसिन नामक तत्व हमारे ब्रेन को यह संकेत देता है कि मुंह में जलन हो रही है। (Photo Source: Pexels) -
चॉकलेट कभी करेंसी की तरह इस्तेमाल होती थी
प्राचीन माया और एजटेक सभ्यताओं में कोको बीन्स को मुद्रा (Currency) की तरह इस्तेमाल किया जाता था। उस समय चॉकलेट इतनी कीमती मानी जाती थी। (Photo Source: Pexels)
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