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साल 1982 को 12-13 मार्च की दरमियानी रात यूपी में गोंडा के तत्कालीन डीएसपी के.पी.सिंह की पुलिसवालों ने ही फर्जी एनकाउंटर में हत्या कर दी थी। केपी सिंह अपने पीछे गर्भवती पत्नी और एक 6 माह की बेटी छोड़ गए। इस बच्ची का नाम है किंजल सिंह। किंजल आज IAS अफसर बन देश की सेवा कर रही हैं। केपी सिंह की मौत के 3 महीने बाद उनकी दूसरी बेटी का जन्म हुआ जिसका नाम प्रांजल रखा गया। प्रांजल IRS अफसर हैं। (Photos: Kinjal Singh IAS Fan Facebook Page)
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किंजल सिंह का नाम यूपी काडर की तेज तर्रार महिला आईएएस अफसरों में लिया जाता है। किंजल सिंह के नाम से ही जिले के अपराधी कांपने लगते थे।
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किंजल सिंह के पिता केपी सिंह भी आईएएस बनना चाहते थे। जिस दिन उनकी हत्या हुई उसके कुछ दिनों बाद आए यूपीएससी परिणाम में पता चला कि उन्होंने आईएएस मुख्य परीक्षा पास कर ली थी।
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किंजल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पिता की मौत के बाद मां विभा सिंह ने ठान लिया था कि उनकी दोनों बेटियां आईएएस बनेंगी। बकौल किंजल सिंह लोग उनकी मां की इस बात पर हंसा करते थे।
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पिता को इंसाफ दिलाने के लिए किंजल मां के साथ कोर्ट कचहरी के चक्कर भी लगाती थीं औऱ अपनी पढ़ाई भी करती रहीं। ग्रैजुएशन करने वह दिल्ली चली आईं। दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज में उन्होंने दाखिला लिया।
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साल 2004 में किंजल की मां विभा सिंह पति को न्याय का इंतजार करते हुए कैंसर से दम तोड़ बैठीं। मां की मौत के दो दिन बाद ही किंजल का ग्रैजुएशन का फाइनल एग्जाम था। उस एग्जाम में किंजल ने यूनिवर्सिटी टॉप किया।
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मां की मौत के बाद किंजल और प्रांजल दोनों बहने अनाथ हो गईं। दोनों दिल्ली में एक साथ रहकर मां की बेटियों को IAS बनाने के सपने को पूरा करने में जुट गईं।
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साल 2008 में दूसरे प्रयास में किंजल का चयन IAS के लिए हो गया, उसी साल प्रांजल पहले ही प्रयास में आईआरएस के लिए चुन ली गईं।
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किंजल सिंह बहराइच, फैजाबाद और लखीमपुर जैसे जिलों की डीएम रह चुकी हैं। उनके काम के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।
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फिलहाल किंजल सिंह बतौर विशेष सचिव लखनऊ में पोस्टेड हैं। कोरोना महामारी से निपटने के लिए उनके प्रयासों की काफी सराहना की जाती है।