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पुलिस महकमे में ऐसी तमाम महिला आधिकारी हैं जो अपनी कार्यशैली से ना जाने कितनों को प्रेरणा देती हैं। ऐसा ही एक नाम है तेज तर्रार पुलिस अधिकारी थोउनाओजम बृंदा (Thounaojam brinda) का। उनके काम करने के तरीके के चलते उन्हें सोशल मीडिया ने लेडी सिंघम का तमगा भी दिया है। बृंदा ने ड्रग्स तस्करों की कमर तोड़ रखी है। अपने काम में दखल देने के आरोप लगाते हुए बृंदा राज्य के सीएम पर भी निशाना साधने से नहीं हिचकतीं। (Photos: Social Media)
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बृंदा ने शादी औऱ दो बच्चों के जन्म के बाद मणिपुर पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा पास की थी।
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परीक्षा में अच्छी रैंक आने के बावजूद भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही थी। इसके पीछे कारण बनाया गया उनके ससुर को।
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बृंदा के ससुर एक प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े हैं औऱ फिलहाल जेल में हैं। सर्विस कमिशन द्वारा नौकरी ना देने पर बृंदा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कामयाबी भी पाई।
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नौकरी मिलने पर बृंदा ने इतने शानदार तरीके से काम किया कि उन्हें 3 साल में ही डीएसपी बना दिया गया। इसके कुछ समय बाद बृंदा ने अपने ही विभाग पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस्तीफा नामंजूर हुआ।
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थोउनाओजम बृंदा अभी नार्कोटिक्स ऐंड अफेयर ऑफ बॉर्डर ब्यूरो (एनएबी) मैं तैनात हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने ड्रग्स के धंधे की ऐसी तैसी कर रखी है।
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अभी हाल ही में बृंदा ने 28 करोड़ से ज्यादा की कीमत के ड्रग्स के साथ एक अपराधी को पकड़ा। बृंदा ने आरोप लगाया है कि उसे छुड़ाने के लिए बीजेपी नेता और राज्य के सीएम एन बीरेंन सिंह उनपर दबाव बना रहे हैं।
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हालांकि तमाम परेशानियों के बाद भी बृंदा अपना काम पूरी ईमानदारी औऱ लगन से कर रही हैं।