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दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में फीस बढ़ाने का मुद्दा बीते कई दिनों से चर्चा में बना हुआ है। जेएनयू प्रशासन का कहना है कि छात्रों के हॉस्टल वगैराह की फीस बेहद कम है जिसे बढ़ाया जाना वक्त की जरूरत है वहीं छात्र इसका विरोध करते हुए सड़कों पर भी उतरे। प्रशासन और छात्रों के टकराव के बीच अब जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) ने विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर एम. जगदीश कुमार के 2 सरकारी घर रखने का मुद्दा उठाते हुए उनपर निशाना साधा है।
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दरअसल एम. जगदीश कुमार जेएनयू के वीसी बनने से पहले आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर थे।
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JNUSU का कहना है कि एम. जगदीश कुमार ने जेएनयू और आईआईटी दोनों जगह घर ले रखा है। इसके साथ ही जेएनयू छात्रसंघ ने ये भी कहा है कि वह आईआईटी में मिले क्वार्टर के लिए मामूली किराया देते हैं।
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जेएनयू छात्रसंघ ने ट्विटर पर लिखा- 'वीसी ने जेएनयू कैंपस में घर मिलने होने के बावजूद आईआईटी दिल्ली में भी सरकारी घर को अपने पास रखा है। इससे इंस्टीट्यूट का खर्च बढ़ता है जो टैक्स के पैसे से चलते हैं। जबकि आईआईटी दिल्ली में 500 फैकल्टी हैं और सिर्फ 300 घर। ऐसे में इंस्टीट्यूट कई फैकल्टी को घर देने में नाकाम रहता है और उन्हें पैसे देने पड़ते हैं।'

छात्रसंघ का यह भी कहना है कि, 'वीसी ने आईआईटी का जो घर अपने पास रखा है, उसका मार्केट रेन्ट 90,000 रुपये है। लेकिन वीसी महज 1200 रुपये महीने मामूली किराया चुकाते हैं। उन्होंने इसे अनैतिक तौर से अपने पास रखा है। क्यों वीसी को टैक्सपेयर्स के पैसे बर्बाद करने दिए जा रहे हैं?' -
बता दें कि इन दिनों जेएनयू वीसी के खिलाफ वहां के कुछ छात्रों में जबरदस्त रोष है। छात्र उनके निलंबन की मांग भी कर रहे हैं।