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प्रकृति की दुनिया जितनी खूबसूरत है, उतनी ही रहस्यमयी और खतरनाक भी। कई बार जो जीव सबसे ज्यादा खूबसूरत और आकर्षक दिखाई देते हैं, वही सबसे जहरीले साबित होते हैं। ऐसा ही एक अनोखा पक्षी है हुडेड पिटोहुई (Hooded Pitohui), जिसे धरती के सबसे जहरीले पक्षियों में गिना जाता है। (Photo Source: Pixabay)
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देखने में खूबसूरत, लेकिन बेहद खतरनाक
न्यू गिनी के घने वर्षावनों में पाया जाने वाला यह पक्षी काले और चमकीले नारंगी रंग का होता है। पहली नजर में यह किसी पेंटिंग जैसा लगता है, लेकिन इसका रंग केवल सुंदरता के लिए नहीं है। दरअसल, यह रंग शिकारियों के लिए चेतावनी का संकेत है कि इस पक्षी से दूरी बनाए रखना ही समझदारी है। (Photo Source: Pixabay) -
शरीर में मौजूद होता है खतरनाक जहर
हुडेड पिटोहुई के पंखों और त्वचा में बैट्राकोटॉक्सिन (Batrachotoxin) नाम का शक्तिशाली विष पाया जाता है। यह वही जहर है जो दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले विषैले डार्ट मेंढकों में भी मिलता है। अधिक मात्रा में यह जहर त्वचा में जलन, झुनझुनी, सुन्नता और गंभीर मामलों में लकवा जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। (Photo Source: Pixabay) -
खुद नहीं बनाता जहर, भोजन से होता है जहरीला
दिलचस्प बात यह है कि हुडेड पिटोहुई यह जहर खुद नहीं बनाता। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह विष इसे अपने भोजन से मिलता है। यह पक्षी Choresine नाम के भृंग जैसे कीड़ों को खाता है, जिनमें बैट्राकोटॉक्सिन मौजूद होता है। लगातार ऐसे कीड़े खाने से यह जहर इसके शरीर में जमा हो जाता है। (Photo Source: Pixabay) -
छूने भर से हो सकती है परेशानी
इस पक्षी को छूने पर त्वचा में जलन, झुनझुनी या सुन्नपन महसूस हो सकता है। न्यू गिनी के स्थानीय लोग इस सच्चाई से सदियों से वाकिफ हैं। यही वजह है कि वे इसे ‘बेकार पक्षी’ मानते हैं और न तो इसे पकड़ते हैं और न ही खाते हैं। (Photo Source: Pixabay) -
सामाजिक स्वभाव और अनोखा पारिवारिक जीवन
हुडेड पिटोहुई समुद्र तल से लेकर पहाड़ी जंगलों तक पाया जाता है। यह आमतौर पर छोटे समूहों में रहता है। भोजन में फल, बीज और कीड़े-मकोड़े शामिल होते हैं। खास बात यह है कि यह पक्षी अपने बच्चों की देखभाल में एक-दूसरे की मदद करता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Cooperative Breeding कहा जाता है। (Photo Source: Pixabay) -
रंगों की चेतावनी: प्रकृति की चालाकी
इस पक्षी के चमकीले रंग अपोसेमेटिज्म (Aposematism) का उदाहरण हैं। यानी तेज रंग देखकर शिकारी समझ जाते हैं कि यह जीव जहरीला है। दिलचस्प यह भी है कि कुछ पूरी तरह हानिरहित पक्षियों ने समय के साथ पिटोहुई जैसा रंग-रूप विकसित कर लिया है, ताकि शिकारी उन्हें भी जहरीला समझकर छोड़ दें। यह प्रकृति की नकल और छल की एक शानदार रणनीति है। (Photo Source: Pixabay) -
प्रकृति का खतरनाक लेकिन अद्भुत चमत्कार
हुडेड पिटोहुई हमें यह सिखाता है कि प्रकृति में सुंदरता हमेशा मासूमियत का संकेत नहीं होती। कई बार यही सुंदरता सबसे बड़े खतरे की चेतावनी भी होती है। (Photo Source: Pixabay)
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