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कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पीएम मोदी के ऐलान के बाद पूरे देश में लॉकडाऊन (Lockdown) कर दिया गया है। इस लॉकडाउन में दूध, राशन, सब्जियां, दवाईया जैसी जरूरत की चीजों की ही उपलब्धता रहेगी बाकी सारी दुकानें बंद रहेंगी। देशव्यापी लॉकडाउन की तुलना कुछ लोग कश्मीर से कर रहे हैं। लोग सोशल मीडिया में इस तरह से लिख रहे हैं कि देशभर में लॉकडाउन होेने के बाद अब लोगों को समझ में आ रहा होगा कश्मीर का दर्द। वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने ऐसे ही लोगों पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी भी हाल में इस लॉकडाउन की तुलना कश्मीर से ना करें क्योंकि वहां तो इंटरनेट तक बंद कर दिया गया था।
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रवीश कुमार ने एनडीटीवी के कार्यक्रम प्राइम टाइम में इस लॉकडाउन पर कहा कि, 'पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है। उसके पहले ही यह लॉकडाउन ज़िलों और राज्यों में क्रमिक रूप से शुरू हो ही चुका था। हम लॉकडाउन में रह ही रहे थे अब और रहना होगा।'
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रवीश ने आगे यह भी कहा कि, 'कई लोग मज़ाक में कश्मीर का उदाहरण दे रहे हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। इसकी तुलना कश्मीर से न करें। अभी भी कश्मीर में इंटरनेट की सुविधा न के बराबर है। रफ्तार कम है। लेकिन शेष भारत के पास वो सुविधा है।'
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रवीश कुमार ने आगे कहा- कश्मीर के एक डॉक्टर ने ट्वीट किया था कि वे ज़रूरी जानकारियों को इंटरनेट से नहीं डाउनलोड कर पा रहे हैं। अपने मरीज़ का इलाज कैसे करेंगे? <a href="https://www.jansatta.com/photos/news-gallery/corona-virus-lockdown-ravish-kumar-question-to-pm-narendra-modi-over-covid-19-situations/1358856/ “> पीएम के संबोधन पर रवीश कुमार का सवाल- ऐलान तो किया, आपूर्ति कैसे होगी?
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रवीश कुमार ने लोगों से कहा है कि, 'अगर आपको कश्मीर के बारे में सोचना ही है तो इस वक्त आप ये ज़रूर कर सकते हैं कि कश्मीर के लोगों से पूछ सकते हैं कि जब शटडाउन था तब उनके दुकानदार कैसे सप्लाई कर रहे थे? बिजनेसमैन का बिजनेस कैसे चल रहा था? दिहाड़ी मज़दूर कैसे खा रहे थे? लोगों को सैलरी कैसे मिल रही थी?'
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इस लॉकडाउन में केंद्र सरकार औऱ तमाम राज्य सरकारों की तरफ से दिहाड़ी मजदूरों के हित के लिए तमाम तरह के पैकेज का ऐलान हुआ है। इस पर रवीश कुमार ने कहा कि, 'जरा पता करिएगा कि क्या कश्मीर में जब लॉकडाउन जैसे हालात बनाए गए थे तो वहां के लोगों के लिए इस तरह का ऐलान हुआ था या नहीं।'