
Nitish Kumar Cabinet: नीतीश कुमार बिहार के 7वीं बार मुख्यमंत्री बन चुके हैं। उन्होंने अपने नए मंत्रीमंडल का गठन भी कर लिया है। अपने मंत्रीमंडल में कुछ चेहरों को लेकर नीतीश चर्चा में हैं। इसमें से एक नाम है मेवालाल चौधरी (Mewalal Chaudhary) का। मेवालाल चौधरी को नीतीश ने शिक्षा मंत्री बनाया है। मेवालाल चौधरी के मंत्री बनाए जाने पर विरोधी निशाना साध रहे हैं। दरअसल मेवालाल चौधरी पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती घोटाले के आरोप लग चुके हैं। मेवालाल चौधरी के पास डॉक्टरेट की डिग्री है और वह भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति भी रह तुके हैं। आइए जानें नीतीश के दूसरे मंत्री कितना पढ़े लिखे हैं। -
तारकिशोर प्रसाद को बिहार का डिप्टी सीएम चुना गया है। 12वीं पास तार किशोर प्रसाद के पास वित्त मंत्रालय, वाणिज्यिक कर,पर्यावरण और जंगल, सूचना प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन और शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी है।
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राज्य कू दूसरी डिप्टी सीएम भी 12वीं पास हैं। डिप्टी सीएम रेणु देवी को पंचायती राज विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। इसके साथ ही उन्हें पिछड़ी जाति का उत्थान और ईबीसी कल्याण उद्योग विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई है।
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8वीं पास मुकेश सहनी पशुपालन, मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं।
पटना यूनिवर्सिटी से आर्ट्स ग्रैजुएट मंगल पांडे स्वास्थ्य विभाग के कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। इनके पास कला-संस्कृति विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी है। -
अमरेन्द्र प्रताप सिंह को कृषि, सहकारिता, गन्ना विकास मंत्रालय दिया गया है। अमरेंद्र प्रताप सिंह ने मगध यूनिवर्सिटी से बीएससी किया है।
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पहली बार चुनाव जीतकर मंत्रीपद हासिल करने वाली शीला कुमारी मंडल भी स्नातक हैं। उन्हें परिवहन मंत्रालय सौंपा गया है।
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कैबिनेट मंत्री बीजेपी नेता रामसूरत राय को राजस्व और विधि मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है। राय ने बीकॉम किया है।
पिछली सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे विजय चौधरी को इस बार नीतीश कुमार ने ग्रामीण विकास, सूचना-प्रसारण मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने राजनीति विज्ञान में एमए किया है। लघु सिंचाई, एससी-एसटी कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री संतोष कुमार सुमन और पीएचईडी मंत्री रामप्रीत पासवान, दोनों ही पीएचडी होल्डर हैं।