
Bihar Elections 2020: बिहार में बात जब राजनीति की आती है तो कर्पूरी ठाकुर, लालू यादव और नीतीश कुमार की बात होती है। लेकिन अगर डॉन, बाहुबलियों और अपराधियों का जिक्र न हो तो बिहार की सियायत अधूरी कहलाएगी। बिहार की राजनीति के केंद्र में कई बाहुबालियों के नाम हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। बिहार ने ऐसे कई बाहुबली देखे हैं जो खुद को कानून से ऊपर समझते थे। उनके नाम से लोग कांपते थे। आइए डालते हैं बिहार के ऐसे ही 5 बाहुबलियों पर एक नजर। (All Photos: Social Media) शिवान के रहने वाले बाहुबली शहाबुद्दीन हत्या समेत कई संगीन अपराधों की सजा काट रहे हैं। वह जेल में बंद हैं। लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले शहाबुद्दीन का नाम आज भी तमाम लोगों के लिए खौफ का पर्याय है। -
बिहार के मोकामा में जन्मे सूरजभान सिंह ने अपराध की सीढ़ियां इतनी तेजी से चढ़ीं कि लोग उसके नाम से ही कांपने लगे। रंगदारी, अपहरण और हत्या जैसे अपराध उसके लिए आम हो चुके थे। फिलहाल वह अपने कर्मों की सजा भोग रहे हैं। उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। उनपर चुनाव लड़ने की भी पाबंदी है।
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1990 में राजनीति में एंट्री मारने वाले आनंद मोहन कोसी क्षेत्र के बाहुबली कहलाते थे। आनंद मोहन पर गोपालगंज को डीएम जी. कृष्णैया की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वह भी जेल में अपने गुनाहों की सजा काट रहे हैं।
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बिहार के बाहुबली अनंत सिंह पर हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे अपराध के 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। एक जमाने में उन्हें नीतीश कुमार का करीबी माना जाता था। अनंत सिंह राजनीति में भी सक्रीय रहे हैं।
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पप्पू यादव का नाम भी बिहार के बाहुबलियों में प्रमुखता से लिया जाता है। उनपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। कभी लालू के बेहद करीबी रहे पप्पू यादव ने अब अपनी पार्टी बना ली है। पार्टी का नाम जन अधिकार पार्टी है। पप्पू यादव अपनी पार्टी के अध्यक्ष भी हैं।